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यूपी: बागपत के तिहरे हत्याकांड में 19 को उम्रकैद
बागपत/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 10 Jul 2013 07:39 PM IST
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उत्तर प्रदेश में बागपत के मिर्धानपुरा मोहल्ला में दो साल पहले एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या करने से जुड़ी दिल दहला देने वाली वारदात में अदालत ने बुधवार को फैसला सुना दिया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र बाबू शर्मा ने तिहरे हत्याकांड के 20 में से 19 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन आरोपियों को अदालत ने मंगलवार को कत्ल का दोषी ठहराया था।
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एक मुल्जिम के सिलसिले में चार्जशीट देर से फाइल की गई, जिसके कारण उसका मुकदमा लंबित है।
क्या था मामला
घटना छह अप्रैल, 2011 की है, जब मिर्धानपुरा मोहल्ले में हाजी हमीद के परिवार की एक लड़की बाजार जा रही थी। रास्ते में मिर्धानपुरा के ही वाहिद और सोनू ने उसके साथ छेड़छाड़ की। लड़की ने घर आकर बताया।
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हमीद और उनका भाई नवाबुद्दीन उर्फ भूरा इसकी शिकायत लेकर सोनू के घर गए। वहां से जवाब मिला कि वे सोनू और वाहिद को लेकर उनके (हमीद के) घर आ रहे हैं।
करीब आठ बजे 20 लोग तमंचे, तलवार, लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग की। तलवारों से हाजी हमीद के पूरे परिवार पर भी हमला किया गया।
हमले में हाजी हमीद की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से जख्मी हुए उनके भाई नवाबुद्दीन उर्फ भूरा ने उपचार के लिए दिल्ला जाते समय दम तोड़ दिया। उनके घायल भतीजे साबिर की दो दिन बाद मृत्यु हो गई। शकीला और वरीसा भी गंभीर रूप से जख्मी हुए।
क्या हुई कार्रवाई
हमीद के परिवार के रफीक ने 20 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इनमें वाहिद, ताहिर और जाहिद सगे भाई हैं। इसी तरह अनीस और अमीर भी भाई हैं। सोनू और सन्नो भाई-बहन हैं। बाकी अभियुक्त भी मिर्धानपुरा के रहने वाले हैं।
अपर शासकीय अधिवक्ता अजय शंकर शर्मा ने बताया कि मुल्जिमों में वाहिद के फरार रहने के चलते उस पर आरोप पत्र देरी से दाखिल हुआ। उसका केस अलग चल रहा है। बाकी सभी 19 आरोपियों में तिहरे हत्याकांड का दोषी पाया गया।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि यह मामला जनपद बागपत में चिह्नित पांच अभियोगों में से पहले नंबर पर था। शासन की ओर से मुकदमे की बार-बार समीक्षा की जा रही थी।