योगीराज में कैराना से भारी संख्या में पलायन की तैयारी, दहशत में व्यापारी
शामली के कैराना में सराफ से रंगदारी मांगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। व्यापारियों में दहशत का आलम है। सांसद हुकुम सिंह ने पलायन प्रकरण को अहम मुद्दा बनाया था। भाजपा ने भी विधानसभा चुनाव के दौरान कैराना पलायन प्रकरण को लेकर सूबे की तत्कालीन सपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। इसी कड़ी में दहशत के चलते कैराना से एक और व्यापारी पलायन की तैयारी कर रहा है। उक्त व्यापारी ने अपना सामान दूसरे शहर में भिजवा दिया है।
रविवार सुबह पांच बजे कस्बे के चौक बाजार में परचून दुकानदार घर का सारा सामान एक ट्रक में भर कर पानीपत चला गया। इसके बाद कस्बे में चर्चा फैल गई कि व्यापारी ने दहशत के चलते पलायन कर लिया। कुछ देर बाद ही अपनी दुकान पर बैठे उक्त व्यापारी से बात की गई, तो उसने बताया कि उसका छोटा भाई दिल्ली में नौकरी करता है, जिसका घर का सामान पानीपत भेजा गया है।
विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का मौका
वहीं, रविवार सायंकाल भी एक दूसरे सराफा व्यापारी ने भी अपने घर का सारा सामान ट्रक में भर कर राजस्थान के उदयपुर जिले में भेज दिया। वहीं, व्यापारी ने बताया कि उसका परिवार अब उदयपुर में ही रहेगा तथा कुछ समय बाद वह भी चला जाएगा। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद व्यापारियों के पलायन का मुद्दा तूल पकड़ सकता है। क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने पलायन प्रकरण को लेकर काफी हवा दी थी। इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। इस मामले को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने काफी अहमियत दी थी। इसी कारण पलायन मुद्दे को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रमुखता से शामिल किया गया था। अब एक फिर से व्यापारियों के पलायन की तैयारी से सूबे की भाजपा सरकार कठघरे में खड़ा करा सकती है। विपक्षी दलों को सरकार को घेरने के लिए मुद्दा मिल जाएगा।