कोरोना का कहर: मेडिकल कॉलेज में मिला येलो फंगस का संदिग्ध मरीज, जांच के लिए भेजा सैंपल
मेरठ में जहां कोरोना के मामले घट रहे हैं तो वहीं ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ता जा रहा है। अब येलो फंगस का संदिग्ध मरीज मिला है। वहीं चिकित्सकों ने मरीज का ऑपरेशन कर उसकी आंखों की रोशनी बचा ली है।
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मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में येलो (पीला) फंगस का एक संदिग्ध मरीज मिला है। यह 40 वर्षीय मुजफ्फरनगर का व्यक्ति है। मरीज का सैंपल जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट सात दिन बाद आएगी। चिकित्सकों ने मरीज का ऑपरेशन कर उसकी आंखों की रोशनी बचा ली है।
ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर वीपी सिंह ने बताया कि सभी लक्षण येलो फंगस के हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उसी के बाद पुष्टि की जा सकती है। मरीज कोरोना संक्रमित है। कोरोना संक्रमित और इस वायरस से ठीक हुए लोगों में ब्लैक फंगस पांव पसार रहा है। इसी बीच वाइट फंगस होने का भी पता चला और अब यलो फंगस जैसा मामला सामने आया है।
हालांकि येलो फंगस का पहला केस गाजियाबाद में मिल चुका है। डॉक्टरों की मानें तो येलो फंगस, ब्लैक और व्हाइट फंगस से ज्यादा खतरनाक है। येलो फंगस आंतरिक रूप से शुरू होता है। जैसे यह बढ़ता है, बीमारी और घातक हो जाती है। येलो फंगस से बचाव के लिए अगर घर के अंदर ज्यादा नमी है तो मरीज के लिए यह घातक हो सकता है। इसलिए इस पर ध्यान दें। ज्यादा नमी बैक्टीरिया और फंगस बढ़ाती है। घर की और आसपास की सफाई बहुत जरूरी है।
ब्लैक फंगस के 10 नए मरीज मिले, एक की मौत
जिले में शुक्रवार को ब्लैक फंगस के 10 नए मरीज मिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मौत हो गई। ब्लैक फंगस के अब तक 172 मरीज मिल चुके हैं। शुक्रवार को चार मरीजों की छुट्टी हुई है। इस तरह 56 की छुट्टी हो चुकी है। अब जिले में ब्लैक फंगस के 101 सक्रिय मामले हैं। मेडिकल में 79 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 44 मरीज कोविड पॉजिटिव और बाकी निगेटिव हैं। दोनों तरह के मरीजों की अलग-अलग कमरे में व्यवस्था है। इनमें से 10 मरीज आईसीयू में गंभीर अवस्था में हैं। नए मरीजों में मेडिकल और तीन आनंद अस्पताल में आए। आनंद अस्पताल में दो ऑपरेशन हुए, दोनों आंखों की रोशनी बचा ली गई। कोरोना के मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमित मरीज लगातार मिल रहे हैं।
कोरोना के 104 मरीज मिले, आठ की मौत
कोरोना संक्रमण पहले से कम हुआ है, लेकिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना के 104 मरीज मिले हैं, जबकि आठ लोगों की मौत हो गई। तीन मौत मेडिकल और पांच निजी अस्पतालों में हुई हैं। शुक्रवार को 9046 सैंपलों की जांच हुई। जिले में 3437 सक्रिय मामले हैं।
अब तक 62137 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से 718 लोगों की मौत दिखा रहा है। वहीं शुक्रवार को 535 मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 52232 की छुट्टी हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज के कोविड ब्लाक में कोविड-19 रोग से ग्रसित कुल 82 मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को आठ नए मरीज भर्ती हुए और सात मरीजों के स्वस्थ हो जाने पर छुट्टी कर दी गई है। इसके अलावा काला फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) से ग्रसित एक मरीज की छुट्टी कर दी गई है।
गांवों में कोरोना के 41 मरीज मिले
गांवों में शुक्रवार को 3385 लोगों की जांच की गई, इनमें 41 कोरोना पॉजिटिव निकले। बताया गया कि छह को एंटीजन में और 35 को आरटीपीसीआर में पुष्टि हुई। 919 देहात में सक्रिय मामले हैं। 865 को मेडिकल किट बांटी गई। 253 ऐसे गांव हैं, जहां कोरोना के मरीज हैं। वहीं 325 ऐसे गांव हैं, जहां कोरोना मरीज नहीं हैं।