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सात सितंबर तक बारिश का येलो अलर्ट जारी, दलहनी फसलों पर संकट
Tue, 02 Sep 2025 08:31 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 02 Sep 2025 08:31 PM IST
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मेरठ सहित वेस्ट यूपी में 7 सितंबर तक रुक रुककर होती रहेगी बारिश, मंगलवार को 26.1 मिमी बारिश दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। मौसम विभाग ने सात सितंबर तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मेरठ समेत वेस्ट यूपी में रुक रुककर बारिश होती रहेगी। लगातार बारिश से होने से दलहनी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दलहनी फसलें प्रभावित हो रही हैं। उर्द, मूंग, अरहर, सभी प्रकार की सब्जियां, मक्के की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। बारिश 26.1 मिमी दर्ज की गई है।
जुलाई और अगस्त के बाद अब बारिश सितंबर में भी रिकार्ड तोड़ रही है। पिछले दो दिन से लगातार बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम के तेवर बदले हुए है, बारिश और तापमान के गिरने से मौसम में नमी बढ़ गई और गर्मी व उमस का दौर खत्म हो गया है। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। बारिश 26.1 मिमी दर्ज की गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचेगा, जैसे उर्द, मूंग, अरहर, सभी प्रकार की सब्जियां, मक्के की फसल ज्यादा प्रभावित होगी। इसके अलावा गन्ने में जलभराव से थोड़ा नुकसान हो सकता है। धान की फसल पर अभी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होगा। फिलहाल, धान की फसल के लिए यह बारिश अच्छी होगी। सात सितंबर तक बारिश रुक रुककर होती रहेगी।
बारिश में धुल गया प्रदूषण, 36 रहा शहर का एक्यूआई
दो दिन से हो रही बारिश के कारण मेरठ और आसपास के जिलों का प्रदूषण भी कम हो गया। मेरठ की हवा साफ हो गई। मेरठ का एक्यूआई मंगलवार को 36 दर्ज किया गया, जो सबसे कम रहा है। इसके अलावा गंगानगर 39, जयभीमनगर 42, पल्लवपुरम 36, बेगमपुल 30, दिल्ली रोड 39 दर्ज किया गया है। बारिश के होने से अभी एक सप्ताह तक एक्यूआई के कम रहने के आसार हैं।
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इसलिए ज्यादा हो रही है बारिश
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इस साल कई क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो रही है। जिसका मुख्य कारण है कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवा का आपस में बार बार टकराना है, जिसके कारण नमी, नमी वाली हवा का प्रभाव बढ़ जाता है। उनके टकराव के चलते ही अधिक वर्षा होती है।
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मोदीपुरम। मौसम विभाग ने सात सितंबर तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मेरठ समेत वेस्ट यूपी में रुक रुककर बारिश होती रहेगी। लगातार बारिश से होने से दलहनी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दलहनी फसलें प्रभावित हो रही हैं। उर्द, मूंग, अरहर, सभी प्रकार की सब्जियां, मक्के की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। बारिश 26.1 मिमी दर्ज की गई है।
जुलाई और अगस्त के बाद अब बारिश सितंबर में भी रिकार्ड तोड़ रही है। पिछले दो दिन से लगातार बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम के तेवर बदले हुए है, बारिश और तापमान के गिरने से मौसम में नमी बढ़ गई और गर्मी व उमस का दौर खत्म हो गया है। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। बारिश 26.1 मिमी दर्ज की गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचेगा, जैसे उर्द, मूंग, अरहर, सभी प्रकार की सब्जियां, मक्के की फसल ज्यादा प्रभावित होगी। इसके अलावा गन्ने में जलभराव से थोड़ा नुकसान हो सकता है। धान की फसल पर अभी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होगा। फिलहाल, धान की फसल के लिए यह बारिश अच्छी होगी। सात सितंबर तक बारिश रुक रुककर होती रहेगी।
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बारिश में धुल गया प्रदूषण, 36 रहा शहर का एक्यूआई
दो दिन से हो रही बारिश के कारण मेरठ और आसपास के जिलों का प्रदूषण भी कम हो गया। मेरठ की हवा साफ हो गई। मेरठ का एक्यूआई मंगलवार को 36 दर्ज किया गया, जो सबसे कम रहा है। इसके अलावा गंगानगर 39, जयभीमनगर 42, पल्लवपुरम 36, बेगमपुल 30, दिल्ली रोड 39 दर्ज किया गया है। बारिश के होने से अभी एक सप्ताह तक एक्यूआई के कम रहने के आसार हैं।
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इसलिए ज्यादा हो रही है बारिश
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इस साल कई क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो रही है। जिसका मुख्य कारण है कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवा का आपस में बार बार टकराना है, जिसके कारण नमी, नमी वाली हवा का प्रभाव बढ़ जाता है। उनके टकराव के चलते ही अधिक वर्षा होती है।