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Meerut News: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, हरे रंग का विशेष महत्व

Fri, 20 Mar 2026 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 02:30 AM IST
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Worship of Mother Brahmacharini, the color green has special significance
वेस्ट एंड रोड बाबा औघड़नाथ मंदिर मार्ग स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर मे पूजा करते श्रद्धालु। स्र
मेरठ। चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है, जो विकास, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। श्रद्धालु हरे वस्त्र धारण कर मां की अराधना करते हैं और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखते हैं।
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मां ब्रह्मचारिणी को तप, त्याग और संयम की देवी के रूप में पूजा जाता है। उनकी पूजा से मन को शांति और जीवन में स्थिरता मिलती है। माता की कृपा से मानसिक संतुलन मजबूत होता है। यह व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा भी देती है। नवरात्रि का यह दूसरा दिन साधना और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रतीक है। मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरुप हैं, जो तपस्या और वैराग्य का प्रतीक हैं। उनकी पूजा से भक्तों को संयम, त्याग और तप की शक्ति मिलती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
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मां ब्रह्मचारिणी का महत्व और पूजा विधि

मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से व्यक्ति के मन में एकाग्रता और दृढ़ संकल्प का भाव जागृत होता है। भक्त सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और मां की प्रतिमा स्थापित करते हैं। उन्हें सफेद फूल, अक्षत, रोली, चंदन और भोग अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। आचार्य प्रेमसागर भारद्वाज ने बताया कि उनकी पूजा से जीवन में धैर्य और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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हरे रंग का महत्व और विशेषज्ञों की राय

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन हरे रंग को अत्यंत शुभ माना जाता है, जो प्रकृति, नवजीवन और उर्वरता का प्रतीक है। यह रंग जीवन में विकास, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा लाता है, साथ ही मन को शांत रखता है। आचार्य प्रेमसागर भारद्वाज के अनुसार, हरे वस्त्र धारण करना और माता को हरे फल या पत्तों का भोग लगाना शुभ है। पंडित गणेश दत्त शर्मा ने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी की अराधना मानसिक संतुलन और सही निर्णय लेने की शक्ति देती है, जिससे प्रगति के मार्ग खुलते हैं। यदि पूरे दिन हरा रंग न पहन सकें, तो रुमाल या कोई छोटी चीज भी रख सकते हैं।
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