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Meerut News: कार्यशाला में सीपीआर देने के बारे में बताया
Fri, 24 Oct 2025 06:28 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 24 Oct 2025 06:28 PM IST
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सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल में जीवन रक्षक सीपीआर कार्यशाला का आयोजन
मेरठ। लोहियानगर स्थित सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल में शुक्रवार को एक दिवसीय सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आपातकालीन स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने की तकनीक से अवगत कराना था।
कार्यशाला का आयोजन वेंकटेश्वरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गजरौला के सेंट्रल स्किल विभाग के सहयोग से किया गया। जिसमें डॉ. आरसी शर्मा, डॉ. सोमशेखर शर्मा, और डॉ. हर्ष उपाध्याय रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट या सांस रुकने जैसी आपात स्थिति में पहले कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं और कैसे सीपीआर देकर किसी व्यक्ति के जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने डेमो और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से सीपीआर देने की सही प्रक्रिया जैसे छाती को दबाने की गति, गहराई और कृत्रिम सांस देने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। स्कूल प्रधानाचार्य मनीषा जैन और निर्देशक निर्मल राज ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अकादमिक शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि अपने छात्रों को सामाजिक रूप से जिम्मेदार और जीवन रक्षक कौशल से लैस करना भी है। सीपीआर एक ऐसी तकनीक है, जिसकी जानकारी समाज के हर व्यक्ति को होनी चाहिए।
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मेरठ। लोहियानगर स्थित सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल में शुक्रवार को एक दिवसीय सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आपातकालीन स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने की तकनीक से अवगत कराना था।
कार्यशाला का आयोजन वेंकटेश्वरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गजरौला के सेंट्रल स्किल विभाग के सहयोग से किया गया। जिसमें डॉ. आरसी शर्मा, डॉ. सोमशेखर शर्मा, और डॉ. हर्ष उपाध्याय रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे।
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विशेषज्ञों ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट या सांस रुकने जैसी आपात स्थिति में पहले कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं और कैसे सीपीआर देकर किसी व्यक्ति के जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने डेमो और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से सीपीआर देने की सही प्रक्रिया जैसे छाती को दबाने की गति, गहराई और कृत्रिम सांस देने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। स्कूल प्रधानाचार्य मनीषा जैन और निर्देशक निर्मल राज ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अकादमिक शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि अपने छात्रों को सामाजिक रूप से जिम्मेदार और जीवन रक्षक कौशल से लैस करना भी है। सीपीआर एक ऐसी तकनीक है, जिसकी जानकारी समाज के हर व्यक्ति को होनी चाहिए।
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