{"_id":"6a736e056c95089ecb0b1d7e","slug":"with-a-staff-in-hand-and-a-stooped-back-she-is-making-the-journey-on-foot-ignoring-the-blisters-on-her-feet-meerut-news-c-14-1-mrt1005-1264874-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: हाथ में छड़ी, झुकी कमर, पैरों के छाले भूल कर रही पैदल सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: हाथ में छड़ी, झुकी कमर, पैरों के छाले भूल कर रही पैदल सफर
विज्ञापन
हरिद्वार से तीसरी बार कांवड़ ला रही वृद्ध महिला बोली, बोली-प्रभु की इच्छा से सब हो रहे हैं पूरे काम
फोटो समाचार
राजकुमार सैनी
मेरठ। हाथ में छड़ी, झुकी हुई कमर। सीने से गंगाजल से भरी कैन बांधकर 70 साल की महादेवी तेजी से मंजिल की ओर बढ़ रही थी। उम्र और पैरों के छालों को भूल दिल्ली के जसवंत नगर की वृद्धा के चेहरे पर सिकन तक नहीं थी।
वृद्ध महादेवी अपनी बेटी हेमलता और रिश्तेदार राजरानी के साथ हरिद्वार हर की पेड़ी से गंगाजल लेकर दिल्ली के लिए चली थी। बुधवार दोपहर लगभग एक बजे चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर नानू नहर पुल पर सड़क किनारे आराम कर रही थी। पास से जो भी कांवडियां गुजरता उसे जोशीले अंदाज में देख बम-बम भोले का जयघोष करती।
अमर उजाला ने महादेवी से बात की तो कहा कि वृद्ध जरूर हैं, लेकिन थकी नहीं हैं। इन्होंने कहा कि भगवान भोले नाथ का हमारे पूरे परिवार पर आशीर्वाद है। तीसरी बार हरिद्वार से गंगाजल लाई हैं। उम्र भले ही अधिक हो, लेकिन हौंसला कम नहीं है। प्रभु इच्छा रही तो अगले साल भी गंगाजल लाएंगे।
विज्ञापन
दो साल से बीमार थी, अब बाबा की मेहर है
महादेवी की बेटी हेमलता कहती हैं कि बाबा की भक्ति में बड़ी शक्ति है। दो साल से बीमार थी। अब बाबा की कृपा से ठीक हूं। जब तक हाथ पैर चलते रहेंगे, तब तक बाबा की कांवड़ लेकर आऊंगी। इनके साथ ही दिल्ली नंदनगरी निवासी 60 वर्षीय राजरानी भी दूसरी बार हरिद्वार से कांवड लेकर आयी हैं। इनका कहना है कि गंगा मैया और भोले बाबा उनके सभी काम बना रहे हैं।
बीमार बहन के लिए कांवड़ लाया साहिल
दिल्ली निवासी शिवभक्त 16 वर्षीय साहिल का कहना है कि अपनी बहन के लिए कांवड़ लाया हूं। बहन बीमार है। भोले बाबा से प्रार्थना है कि मेरी बहन ठीक हो जाए। अगली साल फिर मैं भोले बाबा की कांवड़ लाऊंगा।
विज्ञापन
फोटो समाचार
राजकुमार सैनी
मेरठ। हाथ में छड़ी, झुकी हुई कमर। सीने से गंगाजल से भरी कैन बांधकर 70 साल की महादेवी तेजी से मंजिल की ओर बढ़ रही थी। उम्र और पैरों के छालों को भूल दिल्ली के जसवंत नगर की वृद्धा के चेहरे पर सिकन तक नहीं थी।
वृद्ध महादेवी अपनी बेटी हेमलता और रिश्तेदार राजरानी के साथ हरिद्वार हर की पेड़ी से गंगाजल लेकर दिल्ली के लिए चली थी। बुधवार दोपहर लगभग एक बजे चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर नानू नहर पुल पर सड़क किनारे आराम कर रही थी। पास से जो भी कांवडियां गुजरता उसे जोशीले अंदाज में देख बम-बम भोले का जयघोष करती।
विज्ञापन
अमर उजाला ने महादेवी से बात की तो कहा कि वृद्ध जरूर हैं, लेकिन थकी नहीं हैं। इन्होंने कहा कि भगवान भोले नाथ का हमारे पूरे परिवार पर आशीर्वाद है। तीसरी बार हरिद्वार से गंगाजल लाई हैं। उम्र भले ही अधिक हो, लेकिन हौंसला कम नहीं है। प्रभु इच्छा रही तो अगले साल भी गंगाजल लाएंगे।
विज्ञापन
दो साल से बीमार थी, अब बाबा की मेहर है
महादेवी की बेटी हेमलता कहती हैं कि बाबा की भक्ति में बड़ी शक्ति है। दो साल से बीमार थी। अब बाबा की कृपा से ठीक हूं। जब तक हाथ पैर चलते रहेंगे, तब तक बाबा की कांवड़ लेकर आऊंगी। इनके साथ ही दिल्ली नंदनगरी निवासी 60 वर्षीय राजरानी भी दूसरी बार हरिद्वार से कांवड लेकर आयी हैं। इनका कहना है कि गंगा मैया और भोले बाबा उनके सभी काम बना रहे हैं।
बीमार बहन के लिए कांवड़ लाया साहिल
दिल्ली निवासी शिवभक्त 16 वर्षीय साहिल का कहना है कि अपनी बहन के लिए कांवड़ लाया हूं। बहन बीमार है। भोले बाबा से प्रार्थना है कि मेरी बहन ठीक हो जाए। अगली साल फिर मैं भोले बाबा की कांवड़ लाऊंगा।