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Meerut News: सर्दी का वार, बसों का इंतजार...यात्री लाचार
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सर्दी का वार, बसों का इंतजार...यात्री लाचार
मेरठ। कड़ाके की ठंड में रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों का सबसे बुरा हाल है। सर्दी के कारण लंबे रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई हैं। बस अड्डों पर यात्रियों को घंटाें तक ठंड में ठिठुरते हुए इंतजार करना पड़ रहा है। बसों के टूटे शीशों से ठंडी हवा आती है तो सफर करना मुश्किल हो जाता है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने इन यात्रियों के हालात जानने का प्रयास किया तो वह सर्दी के साथ रोडवेज के इंतजाम को लेकर भी नाखुश ननर आए।
दिल्ली रोड स्थित भैसाली डिपो से प्रतिदिन एक हजार से अधिक बसों का आवागमन होता है। यहां से दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर समेत कई जगहों के लिए बसों का संचालन हो रहा है। सर्दी के चलते इन सभी रूटों पर बसों की व्यवस्था चरमरा गई है। इनमें सबसे अधिक समस्या बागपत रूट पर है। यहां यात्रियों को एक-एक घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। इस रूट पर मात्र आठ बसों का संचालन हो रहा है। बसें कम मिलने से अधिक परेशानी हो रही है।
कोहरे के कारण रोकी कईं बसें
घने कोहरे के चलते रोडवेज की ओर से रात 8 बजे से पहले ही बसों का संचालन किया जा रहा है। मेरठ से लंबी दूरी गोरखपुर, कानुपर आदि रूटों पर रात में बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा लखनऊ, आगरा, बरेली व हल्द्वानी समेत कई रूटों पर रात आठ बजे तक ही बस भेजी जा रही है। बुधवार की रात को लखनऊ, आगरा और बरेली रूट पर 5 बसों का संचालन नहीं किया गया।
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यह बोले यात्री..
छह माह के बच्चे को गोद लेकर किया इंतजार
- सर्द मौसम में छह माह के बच्चे को गोद में लिए चांदनी बृहस्पतिवार सुबह एक घंटे तक बस के इंतजार में खड़ी रही। चांदनी ने बताया कि बागपत रूट पर बस नहीं मिल रही है। छोटा बच्चा गोद में है, लेकिन यहां बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। वह 11 बजे बस अड्डे पहुंची, लेकिन 12 बजे तक भी उन्हें बस नहीं मिली।
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सर्दी में भी टूटे हैं बसों के शीशे
- महिला यात्री आशा ने कहा कि बसों में ठीक व्यवस्था नहीं है। सर्दी के मौसम में भी कई बसों के शीशे टूटे पड़े हैं। बिजनौर रूट पर जाने वाली बस में बस का शीशा टूट पड़ा है। खिड़की का शीशा टूटा होने के कारण ठंडी हवा सीधे मार कर रही है।
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अड्डे पर नहीं ठंड से बचाव का बेहतर इंतजाम
- यात्री राहुल ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए बस अड्डे पर बेहतर इंतजाम नहीं हैं। यात्री परेशान हैं। अड्डे पर अलाव तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यात्रियों की मुश्किल बढ़ती जा रही है।
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रोडवेज की आय भी घटी
मेरठ। सर्दी का सितम यात्रियों पर तो पड़ ही रहा है। रोडवेज भी इससे अछूता नहीं रहा है। रोडवेज की प्रतिदिन की आय पर सर्दी का असर दिखाई पड़ा है। मेरठ रीजन के पांच डिपो मेरठ डिपो, भैसाली डिपो, सोहराब गेट डिपो, बड़ौत डिपो और गढ़ डिपो से बसों का संचालन होता है। इन पांचों डिपो की आय पिछले माह तक जहां एक करोड़ रुपए प्रतिदिन हो रही थी। वह अब घटकर 75 से 80 लाख रुपए प्रतिदिन पहुंच गई है। रोडवेज को प्रतिदिन करीब 25 लाख रुपये की आय का घाटा हुआ है। पिछले 15 दिन से रोडवेज की आय लगातार कम होती आ रही है।
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-- वर्जन --
बागपत रूट पर बसों की संख्या कम है। इस पर अनुबंधित गाड़ियों का ही संचालन हो रहा है। जल्द ही इस रूट पर निगम की बसों को लगाकर यात्रियों की समस्या को दूर किया जाएगा। - अरविंद कुमार, एआरएम भैसाली डिपो
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मेरठ। कड़ाके की ठंड में रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों का सबसे बुरा हाल है। सर्दी के कारण लंबे रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई हैं। बस अड्डों पर यात्रियों को घंटाें तक ठंड में ठिठुरते हुए इंतजार करना पड़ रहा है। बसों के टूटे शीशों से ठंडी हवा आती है तो सफर करना मुश्किल हो जाता है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने इन यात्रियों के हालात जानने का प्रयास किया तो वह सर्दी के साथ रोडवेज के इंतजाम को लेकर भी नाखुश ननर आए।
दिल्ली रोड स्थित भैसाली डिपो से प्रतिदिन एक हजार से अधिक बसों का आवागमन होता है। यहां से दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर समेत कई जगहों के लिए बसों का संचालन हो रहा है। सर्दी के चलते इन सभी रूटों पर बसों की व्यवस्था चरमरा गई है। इनमें सबसे अधिक समस्या बागपत रूट पर है। यहां यात्रियों को एक-एक घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। इस रूट पर मात्र आठ बसों का संचालन हो रहा है। बसें कम मिलने से अधिक परेशानी हो रही है।
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कोहरे के कारण रोकी कईं बसें
घने कोहरे के चलते रोडवेज की ओर से रात 8 बजे से पहले ही बसों का संचालन किया जा रहा है। मेरठ से लंबी दूरी गोरखपुर, कानुपर आदि रूटों पर रात में बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा लखनऊ, आगरा, बरेली व हल्द्वानी समेत कई रूटों पर रात आठ बजे तक ही बस भेजी जा रही है। बुधवार की रात को लखनऊ, आगरा और बरेली रूट पर 5 बसों का संचालन नहीं किया गया।
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यह बोले यात्री..
छह माह के बच्चे को गोद लेकर किया इंतजार
- सर्द मौसम में छह माह के बच्चे को गोद में लिए चांदनी बृहस्पतिवार सुबह एक घंटे तक बस के इंतजार में खड़ी रही। चांदनी ने बताया कि बागपत रूट पर बस नहीं मिल रही है। छोटा बच्चा गोद में है, लेकिन यहां बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। वह 11 बजे बस अड्डे पहुंची, लेकिन 12 बजे तक भी उन्हें बस नहीं मिली।
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सर्दी में भी टूटे हैं बसों के शीशे
- महिला यात्री आशा ने कहा कि बसों में ठीक व्यवस्था नहीं है। सर्दी के मौसम में भी कई बसों के शीशे टूटे पड़े हैं। बिजनौर रूट पर जाने वाली बस में बस का शीशा टूट पड़ा है। खिड़की का शीशा टूटा होने के कारण ठंडी हवा सीधे मार कर रही है।
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अड्डे पर नहीं ठंड से बचाव का बेहतर इंतजाम
- यात्री राहुल ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए बस अड्डे पर बेहतर इंतजाम नहीं हैं। यात्री परेशान हैं। अड्डे पर अलाव तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यात्रियों की मुश्किल बढ़ती जा रही है।
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रोडवेज की आय भी घटी
मेरठ। सर्दी का सितम यात्रियों पर तो पड़ ही रहा है। रोडवेज भी इससे अछूता नहीं रहा है। रोडवेज की प्रतिदिन की आय पर सर्दी का असर दिखाई पड़ा है। मेरठ रीजन के पांच डिपो मेरठ डिपो, भैसाली डिपो, सोहराब गेट डिपो, बड़ौत डिपो और गढ़ डिपो से बसों का संचालन होता है। इन पांचों डिपो की आय पिछले माह तक जहां एक करोड़ रुपए प्रतिदिन हो रही थी। वह अब घटकर 75 से 80 लाख रुपए प्रतिदिन पहुंच गई है। रोडवेज को प्रतिदिन करीब 25 लाख रुपये की आय का घाटा हुआ है। पिछले 15 दिन से रोडवेज की आय लगातार कम होती आ रही है।
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-- वर्जन --
बागपत रूट पर बसों की संख्या कम है। इस पर अनुबंधित गाड़ियों का ही संचालन हो रहा है। जल्द ही इस रूट पर निगम की बसों को लगाकर यात्रियों की समस्या को दूर किया जाएगा। - अरविंद कुमार, एआरएम भैसाली डिपो