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हवा चली, लेकिन वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर

Sun, 03 Nov 2019 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Nov 2019 02:00 AM IST
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wind blows but air pollution level dangerous
मेरठ/मोदीपुरम। हवा चलने से शनिवार को स्मॉग का असर थोड़ा कम हुआ है। लेकिन वायु प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरनाक बना है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा की गति बढ़ने से स्मॉग छंटने के साथ तापमान गिरेगा।
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शनिवार दिन में हवा बंद रही। लेकिन शाम को 10 से 12 किमी प्रति घंटा की गति से चलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 410 से गिरकर 371 पर आ गया। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार 50-100 तक एक्यूआई का स्तर आदर्श होता है। लेकिन 300 के पार पहुंचने पर यह स्तर सेहत के लिए खतरनाक होता है। पिछले कुछ दिनों से तो यह स्तर 400 का आंकड़ा पार कर गया था। शनिवार सुबह से ही आसमान पर स्मॉग की चादर तनी हुई थी। दोपहर तक भी यही स्थिति रही। स्मॉग के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और आंखों में जलन रही। लेकिन शाम होते-होते हवा की गति बढ़ने से स्मॉग भी छंटना शुरू हो गया। इसके साथ ही मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष के अनुसार दिन का तापमान गिरा है तो रात का तापमान बढ़ा है। हवा की रफ्तार बढ़ने का सीधा असर स्मॉग पर पड़ा है। आने वाले दो दिनों में हवा की रफ्तार 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं। इससे स्मॉग घटने से दिन का तापमान भी गिरेगा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. आरके त्यागी का कहना है कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कई औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। ज्यादातर उद्योग बंद पड़े हैं। हापुड़ रोड पर एक हॉटमिक्स प्लांट को भी बंद कराया गया है।
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स्मॉग से बचने के उपाय
- मार्निंग वॉक पर ओस पड़ने के बाद ही निकलें। मॉस्क का प्रयोग करें।
- खाली पेट न टहलें, संभव हो तो घर पर ही व्यायाम करें।
- घर के आसपास अगर धूल उड़े तो पानी का छिड़काव करें। कार्यस्थल एवं घरों में तुलसी, मनीप्लांट जैसे प्रदूषण सोखने वाले पौधे लगाएं।
- बच्चे हों या बड़े, बाहर से घर लौटने पर आंखों को पानी से अवश्य धोएं।
- दमा, सांस के रोगियों को सुबह व शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
- स्कूल में यदि कोई बच्चा आंखों या त्वचा में जलन व सांस लेने में परेशानी बताता है तो उसे गंभीरता से लें।
- स्कूल प्रबंधन विशेष तौर पर ध्यान रखें कि स्मॉग के समय छात्र-छात्राओं को आउटडोर एक्टिविटी ना कराएं।
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प्रमुख शहरों में एक्यूआई का स्तर
बागपत 435
बुलंदशहर 446
दिल्ली 399
गाजियाबाद 453
ग्रेटर नोएडा 438
हापुड़ 444
नोएडा 432
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