फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   wild animals are harming crops

जंगली जानवर पहुंचा रहे फसलों को नुकसान

Mon, 30 Dec 2019 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 01:57 AM IST
विज्ञापन
wild animals are harming crops
मवाना। नुकसान के चलते अधिकतर किसानों ने चना, बाजरा, मक्का व कपास आदि समेत अन्य फसलें की खेती करना छोड़ दिया है। अब वे गन्ना एवं गेहूं की फसल पर ही निर्भर हैं। किसानों का कहना है कि गन्ने की खेती पक्की खेती है तथा इसमें नुकसान न के बराबर है।
विज्ञापन

क्षेत्र में किसान गेहूं, चना, मटर, बाजरा, मक्का एवं कपास आदि की खेती किया करते थे। समय के साथ किसान का मोह चना, मक्का, मटर, कपास एवं बाजरा आदि खेती से भंग होता चला गया तथा किसान पूरी तरह गन्ना एवं गेहूं की खेती पर निर्भर हो गया है। इसके पीछे किसानों का मानना है कि गन्ने की खेती पक्की खेती है तथा गेहूं अपने लिए पैदा करना पड़ता है। हालांकि चना, बाजरा, मक्का आदि के दाम आसमान छू रहे हैं।
विज्ञापन

गांव पलड़ा निवासी बीर सिंह पुत्र प्रकाश का कहना है कि उन्होंने 20 बीघा में गन्ना बोया हुआ है। गन्ने की खेती पक्की मानी जाती है। इसमें नुकसान न के बराबर है। जबकि चना, मटरा, मक्का, बाजरा की खेती की बहुत चौकसी करनी पड़ती है। जानवरों के साथ-साथ लोग भी इनमें नुकसान पहुंचाते हैं। इसी कारण धीरे-धीरे किसान कम बोने लगे हैं। कम किसानों के बोने के कारण नुकसान और ज्यादा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, अकबरपुर निवासी उदयवीर का कहना है कि उन्होंने 35 बीघा गन्ना बो रखा है। चना, कपास, मक्का, बाजरा आदि की फसलों को नील गाय, पहाड़ा, जंगली शूकर, आवारा गोवंश आदि बहुत अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे गेहूं की फसल को बचाना ही भारी पड़ रहा है।
गांव जयसिंहपुर निवासी रोहित का कहना है कि उनके क्षेत्र में गन्ना गेहूं के साथ-साथ आलू की फसल भी काफी बोई जाती है। अधिकतर किसान गन्ने की फसल को ही पसंद करते हैं। अन्य फसलों में जंगली जानवरों के साथ साथ लोग भी नुकसान करते हैं।

मवाना निवासी सतीश चौहान ने बताया कि उन्होंने 40 बीघा में गन्ने की फसल बोई है। उनका कहना है कि कुछ वर्ष पहले आलू की फसल बोई थी। कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू का किराया भी जेब से भरा था। तब से उन्होंने और फसल से तौबा कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed