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कोरोना से बचे तो मलेरिया और डेंगू से कौन बचाएगा
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मेरठ। काफी प्रयासों के बाद भी कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। वहीं डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया भी दरवाजे पर खड़े हैं। इनके संक्रमण को फैलाने वाले मच्छरों को मारने के लिए भी नगर निगम के पास मेलाथियान नहीं है। वहीं मलेरिया विभाग भी मच्छरों से बचाव के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। नगर निगम का दावा है कि वह प्रतिदिन किसी न किसी वार्ड में फागिंग करा रहा है, लेकिन उसका असर नहीं दिखाई दे रहा है। मच्छरों को मारने के लिए मेलाथियान सबसे कारगर कीटनाशक माना जाता है। नगर निगम भी इसका प्रयोग करता है। लेकिन दो माह से नगर निगम के पास मेलाथियान नहीं है। नगर निगम फागिंग में अन्य कीटनाशक का प्रयोग कर रहा है। इसके रिजल्ट से नगर स्वास्थ्य अधिकारी भी संतुष्ट नहीं है। ऐसे में जनता को मच्छर जनित बीमारियों का भय सता रहा है।
बीते सालों में मलेरिया के मामले
वर्ष सैंपल लिए पॉजिटिव केस
2016 68220 211
2017 41536 93
2018 37218 53
2019 56431 61
मलेरिया के लक्षण
मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में प्रजनन करता है। मलेरिया के रोगी को ठंड व कंपकंपी के साथ तेज बुखार आता है। यह एक दो दिन के अंतराल में हो सकता है। साथ ही शरीर में दर्द रहता है। बहुत अधिक पसीने के साथ बुखार उतर जाता है।
यह बरतें सावधानियां
घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर व पानी की टंकी सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं।
शरीर के अधिकांश भाग को ढकने वाले कपड़े पहनें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
बुुखार आने खून की जांच कराएं।
चिकित्सक की देखरेख में उपचार लें।
डेंगू के अलावा चिकनगुनिया का भी खतरा
बीते सालों में मलेरिया, डेंगू के साथ चिकनगुनिया के कई मामले मिले। साल 2016 में चिकनगुनिया ने कोहराम मचाया था। इसके 1105 मरीज और डेंगू के 183 मरीज मिले थे। 2017 में डेंगू के 660 मरीज मिले थे। 2018 में डेंगू के 183 और 2019 में 149 मरीज मिले थे। जिला मलेरिया अधिकारी सत्य प्रकाश का कहना है कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक हैं। जिनका छिड़काव कराया जा रहा है।
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इनका यह है कहना ...
नगर निगम मच्छर मारने के लिए मेलाथियान प्रयोग करता है। लॉकडाउन के कारण यह उपलब्ध नहीं हो पाया है। दूसरे कीटनाशक का प्रयोग किया जा रहा है। उसका असर कम दिख रहा है। शीघ्र ही मेलाथियान की आपूर्ति होगी। उसके बाद फॉगिंग कराई जाएगी। डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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बीते सालों में मलेरिया के मामले
वर्ष सैंपल लिए पॉजिटिव केस
2016 68220 211
2017 41536 93
2018 37218 53
2019 56431 61
मलेरिया के लक्षण
मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में प्रजनन करता है। मलेरिया के रोगी को ठंड व कंपकंपी के साथ तेज बुखार आता है। यह एक दो दिन के अंतराल में हो सकता है। साथ ही शरीर में दर्द रहता है। बहुत अधिक पसीने के साथ बुखार उतर जाता है।
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यह बरतें सावधानियां
घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर व पानी की टंकी सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं।
शरीर के अधिकांश भाग को ढकने वाले कपड़े पहनें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
बुुखार आने खून की जांच कराएं।
चिकित्सक की देखरेख में उपचार लें।
डेंगू के अलावा चिकनगुनिया का भी खतरा
बीते सालों में मलेरिया, डेंगू के साथ चिकनगुनिया के कई मामले मिले। साल 2016 में चिकनगुनिया ने कोहराम मचाया था। इसके 1105 मरीज और डेंगू के 183 मरीज मिले थे। 2017 में डेंगू के 660 मरीज मिले थे। 2018 में डेंगू के 183 और 2019 में 149 मरीज मिले थे। जिला मलेरिया अधिकारी सत्य प्रकाश का कहना है कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक हैं। जिनका छिड़काव कराया जा रहा है।
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इनका यह है कहना ...
नगर निगम मच्छर मारने के लिए मेलाथियान प्रयोग करता है। लॉकडाउन के कारण यह उपलब्ध नहीं हो पाया है। दूसरे कीटनाशक का प्रयोग किया जा रहा है। उसका असर कम दिख रहा है। शीघ्र ही मेलाथियान की आपूर्ति होगी। उसके बाद फॉगिंग कराई जाएगी। डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।