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Meerut News: हिंदी साहित्य के किस काल को श्रृंगार काल कहा जाता है

Wed, 07 Jan 2026 02:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 02:17 AM IST
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Which period of Hindi literature is called the Shringar period
मेरठ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की ओर से मंगलवार को दसवीं और बारहवीं की प्री बोर्ड परीक्षा मुख्य परीक्षाओं की तर्ज पर शुरू हुई। परीक्षा में पूछा गया कि हिंदी साहित्य के किस काल को श्रृंगार काल कहा जाता है। विकल्प के रूप में आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल दिया गया था। सही उत्तर रीतिकाल रहा।
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जिले में 415 केंद्रों पर यह परीक्षाएं शुरू हुई। 16 जनवरी तक प्री बोर्ड की परीक्षाएं चलेंगी। इन परीक्षाओं में 77 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। पहले दिन दसवीं व बारहवीं में हिंदी विषय के प्रश्न पत्रों की परीक्षा हुई। यह परीक्षा पहली बार बोर्ड की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों से हो रही है। इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी विषय का पेपर 100 अंकों का आया। यह प्रश्न पत्र 3 घंटे में हल करना था। परीक्षार्थियों को 15 मिनट पेपर पढ़ने के लिए अतिरिक्त दिए गए। महावीर प्रसाद द्विवेदी ने सरस्वती पत्रिका का संपादन कब प्रारंभ किया था। कल्पवृक्ष के लेखक कौन हैं। गोदान किस विधा की रचना है। विद्या निवास मिश्र निबंधकार हैं। जय शंकर प्रसाद के नाटकों में किसकी प्रधानता है। पृथ्वीराज रासो पुस्तक के रचनाकार कौन हैं। कबीर दास किस भक्ति काव्य धारा के कवि हैं। इन सभी सवालों का जवाब देने के लिए विकल्प दिए गए थे। वहीं बाढ़ की समस्या कारण और निवारण, पर्यावरण संतुलन का मानवीय जीवन पर प्रभाव, भारतीय कृषक जीवन की त्रासदी, नई शिक्षा नीति के विकास की संभावनाएं और नारी शिक्षा की दिशा व दशा पर निबंध लिखने को आया।
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