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सौरभ हत्याकांड : बैग में शव नहीं आया तो नीले ड्रम में रखकर भरा था सीमेंट

Wed, 10 Dec 2025 01:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2025 01:01 AM IST
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When the body did not come in the bag, it was kept in a blue drum and filled with cement
मेरठ। ब्रह्मपुरी के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को विवेचक रहे ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी की अदालत में गवाही हुई। उन्होंने कहा कि सौरभ की हत्या करके उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल शुक्ला ने शव को ट्राॅली बैग में रखकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। शव के चार टुकड़े कर दिए थे, मगर शव बैग में नहीं आया। ट्रॉली बैग का कुंडा भी टूट गया था। इसके बाद उन्होंने नीले ड्रम में शव को रखकर सीमेंट भर दिया था।
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जिला जज अनुपम कुमार के न्यायालय में जांच अधिकारी रमाकांत पचौरी की गवाही चार घंटे तक चली। उन्होंने सौरभ हत्याकांड में चार्जशीट में शामिल हर साक्ष्य के बारे में बयान दिए। उन्होंने गवाही में हत्याकांड की शुरूआत से लेकर मुस्कान और साहिल शुक्ला की गिरफ्तारी तक पूरी जानकारी कोर्ट में दी। बताया कि ड्रम में शव रखने के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश के मनाली, शिमला, कसोल में घूमने चले गए थे। वहां से लौटने के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना थी, मगर सौरभ के परिजनों की सूचना पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। अदालत ने बचाव पक्ष की अधिवक्ता की जिरह के लिए 15 दिसंबर की तारीख लगाई है।
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अब तक 15 गवाहों के हो चुके बयान
सौरभ हत्याकांड के मुकदमे का ट्रायल जिला जज अनुपम कुमार के न्यायालय में चल रहा है। ट्रायल में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। कोर्ट में अभी तक 14 गवाहों के बयान हो चुके हैं। मुकदमे के वादी मृतक सौरभ राजपूत के भाई बबलू, रिपोर्ट दर्ज करने वाले हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार, सौरभ की मां रेणू, मृतक के दोस्त सौरभ कुमार, चाकू छुरी विक्रेता राकेश, नीला ड्रम विक्रेता सैफुद्दीन और बिल्डिंग मैटीरियल की दुकान करने वाले आशु, दवा लिखने वाले डॉ. अरविंद कुमार देशवाल, दवाई देने वाले उषा मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी, नीले ड्रम को काटने वाले अशोक, पंचनामा भरने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दिनेश सिंह चौहान, कैब चालक अजब सिंह, पहले विवेचक एसआई कर्मवीर सिंह और मुख्य विवेचक रमाकांत पचौरी की गवाही अब तक हो चुकी है।
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यह था मामला
मेरठ। लंदन के एक मॉल में काम करने वाला सौरभ राजपूत पूर्व में नेवी मर्चेंट में काम करता था। लंदन से 24 फरवरी 2025 को मेरठ अपने घर ब्रह्मपुरी आए सौरभ ने 25 फरवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था। तीन मार्च की रात सौरभ की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सीने में चाकू घोंपकर और छुरी से गर्दन काटकर की थी। इसके बाद दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे प्लास्टिक के नीले ड्रम में सीमेंट के घोल से सील कर दिए थे। हत्याकांड के बाद पांच मार्च को दोनों घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश के कसोल चले गए थे। 17 मार्च को दोनों मेरठ लौट कर आए थे। 18 मार्च को इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा हुआ था। 19 मार्च को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने सौरभ के भाई बबलू की ओर से हत्या का मुकदमा दर्ज कर मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था, तभी से दोनों जेल में बंद हैं।
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