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Meerut News: पुलिस भर्ती में मिली नाकामी तो हथियार तस्कर बन गया दरोगा का बेटा
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एसटीएफ की गिरफ्त में हथियार तस्कर रोहन।
पेज - चार लीड
बागपत के तस्कर रोहन के हथियारों के जखीरे संग गिरफ्तारी का मामला
आरोपी पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद बदमाशों को बेचने लगा था हथियार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दरोगा के बेटे रोहन के तस्करी के हथियार संग पकड़े जाने के मामले में एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पुलिस में भर्ती होने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस भर्ती में नाकाम होने पर आरोपी हथियार तस्कर बन गया। आरोपी कई गिरोह और बदमाशों को हथियार तस्करी करने लगा। मोटे मुनाफे के लालच में आरोपी बड़े स्तर पर ऑन डिमांड पंजाब से हथियार लाकर बिक्री करने लगा।
एसटीएफ के मुताबिक, हथियार तस्करी में पकड़े गए दरोगा के बेटे रोहन ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है। उसने यूपी पुलिस में भर्ती की तैयारी भी की थी। आरोपी ने शारीरिक परीक्षा में पास होने के लिए खूब पसीना बहाया और लिखित परीक्षा की भी तैयारी की। लेकिन वह पुलिस में उसकी नौकरी नहीं लग पाई। इसके बाद अब वह ठेकेदारी करने लगा।
ठेकेदारी के काम के दौरान ही आरोपी की मुलाकात हथियार तस्कर अनिल बालियान से हुई तो पैसा कमाने के लालच में वह हथियारों की तस्करी से जुड़ गया। रोहन ग्राहकों को खोजता था, उनका नेटवर्क तैयार करता था। सौदा तय होने के बाद जिन्हें हथियार चाहिए होता था, उनको यह लोग हथियार सप्लाई कर देते थे। आरोपी की स्कॉर्पियो से एसटीएफ ने पांच सिंगल बैरल और 12 डबल बैरल बंदूक अवैध बंदूक बरामद की हैं।
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कृषि विवि के डीन पर हमले में आया था गिरोह का नाम
मुजफ्फरनगर के सिसौली कस्बा निवासी अनिल बंजी पुराना हथियार तस्कर है। वह सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि मेरठ के डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले के मामले में जेल में है। उसका साथी भौराकलां के सदरूद्दीन नगर उर्फ माजरा निवासी अनिल उर्फ पिंटू को शामली पुलिस ने पांच अप्रैल 2022 को एके-47 राइफल, 7.62 एमएम के 700 कारतूस, एके-47 राइफल के 4.55 एमएम के 600 कारतूस, चार मैग्जीन और एक ड्रम मैग्जीन के साथ पकड़ा था। ये हथियार संजीव जीवा गैंग से 11 लाख रुपये में खरीदे गए थे। इन्हें डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले में इस्तेमाल करना था। लेकिन अनिल बंजी ने योजना बदल दी थी।
शारिक-सलमान समेत कई गैंग के लिए खरीदता है हथियार
यह गिरोह मेरठ के शारिक और सलमान गैंग से .30 बोर की पिस्टल एक लाख रुपये में खरीदता था। जिन्हें डेढ़ लाख रुपये में दीपक भूरा निवासी रमाला जिला बागपत, विपिन निवासी वाजिदपुर और पिंटू दाढ़ी निवासी बिनौली को बेचा गया था। इसके अलावा गिरोह के वेस्ट यूपी के कई बड़े गिरोह व बदमाशों को भी हथियार बेचने की जानकारी एसटीएफ को मिली है। जिसकी पड़ताल की जा रही है।
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बागपत के तस्कर रोहन के हथियारों के जखीरे संग गिरफ्तारी का मामला
आरोपी पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद बदमाशों को बेचने लगा था हथियार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दरोगा के बेटे रोहन के तस्करी के हथियार संग पकड़े जाने के मामले में एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पुलिस में भर्ती होने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस भर्ती में नाकाम होने पर आरोपी हथियार तस्कर बन गया। आरोपी कई गिरोह और बदमाशों को हथियार तस्करी करने लगा। मोटे मुनाफे के लालच में आरोपी बड़े स्तर पर ऑन डिमांड पंजाब से हथियार लाकर बिक्री करने लगा।
एसटीएफ के मुताबिक, हथियार तस्करी में पकड़े गए दरोगा के बेटे रोहन ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है। उसने यूपी पुलिस में भर्ती की तैयारी भी की थी। आरोपी ने शारीरिक परीक्षा में पास होने के लिए खूब पसीना बहाया और लिखित परीक्षा की भी तैयारी की। लेकिन वह पुलिस में उसकी नौकरी नहीं लग पाई। इसके बाद अब वह ठेकेदारी करने लगा।
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ठेकेदारी के काम के दौरान ही आरोपी की मुलाकात हथियार तस्कर अनिल बालियान से हुई तो पैसा कमाने के लालच में वह हथियारों की तस्करी से जुड़ गया। रोहन ग्राहकों को खोजता था, उनका नेटवर्क तैयार करता था। सौदा तय होने के बाद जिन्हें हथियार चाहिए होता था, उनको यह लोग हथियार सप्लाई कर देते थे। आरोपी की स्कॉर्पियो से एसटीएफ ने पांच सिंगल बैरल और 12 डबल बैरल बंदूक अवैध बंदूक बरामद की हैं।
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कृषि विवि के डीन पर हमले में आया था गिरोह का नाम
मुजफ्फरनगर के सिसौली कस्बा निवासी अनिल बंजी पुराना हथियार तस्कर है। वह सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि मेरठ के डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले के मामले में जेल में है। उसका साथी भौराकलां के सदरूद्दीन नगर उर्फ माजरा निवासी अनिल उर्फ पिंटू को शामली पुलिस ने पांच अप्रैल 2022 को एके-47 राइफल, 7.62 एमएम के 700 कारतूस, एके-47 राइफल के 4.55 एमएम के 600 कारतूस, चार मैग्जीन और एक ड्रम मैग्जीन के साथ पकड़ा था। ये हथियार संजीव जीवा गैंग से 11 लाख रुपये में खरीदे गए थे। इन्हें डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले में इस्तेमाल करना था। लेकिन अनिल बंजी ने योजना बदल दी थी।
शारिक-सलमान समेत कई गैंग के लिए खरीदता है हथियार
यह गिरोह मेरठ के शारिक और सलमान गैंग से .30 बोर की पिस्टल एक लाख रुपये में खरीदता था। जिन्हें डेढ़ लाख रुपये में दीपक भूरा निवासी रमाला जिला बागपत, विपिन निवासी वाजिदपुर और पिंटू दाढ़ी निवासी बिनौली को बेचा गया था। इसके अलावा गिरोह के वेस्ट यूपी के कई बड़े गिरोह व बदमाशों को भी हथियार बेचने की जानकारी एसटीएफ को मिली है। जिसकी पड़ताल की जा रही है।