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वेबवर्क के बैंक खातों में 44 करोड़ रुपये फ्रीज, निशाने पर अब ये चेहरे

Sun, 19 Feb 2017 04:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sun, 19 Feb 2017 04:59 PM IST
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web work freeze the bank accounts of 44 crore, Now face the target
ऑनलाइन ठगी

ऑनलाइन ट्रेडिंग के गोरखधंधे में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का शिकंजा अब वेबवर्क के हिडन पार्टनर्स यानी छिपे चेहरों पर कसने वाला है। मेरठ क्षेत्र में ऐसे 150 लोग चिह्नित किए गए हैं। इन्होंने कंपनी में पैसा कम लगाया। लेकिन इनके खातों में करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। कंपनी के एक कर्मचारी के खाते में तो 10 करोड़ रुपये मिले हैं। पूछताछ और खातों की जांच में बड़ा खेल सामने आ रहा है। जांच एजेंसियां ऐसे लोगों को नोटिस जारी करने वाली हैं। जिनसे पूछताछ के बाद मामला और साफ होगा।  

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वेबवर्क के संचालक अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के हाथ महत्वपूर्ण जानकारी लगी है। कंपनी की वर्किंग और खातों में करोड़ों रुपये की ट्रांजैक्शन बताती है कि वह सिर्फ पैसा लगाने वाले नहीं हैं। कुछ हजार लगाकर करोड़ों रुपये तक खाते में आना चौंकाने वाला है। जांच एजेंसी इस बात से सहमत हो गई हैं कि जिनके खाते में मोटा ट्रांजैक्शन हुआ है, वह कंपनी के हिडन पार्टनर हैं। इनकी संख्या मेरठ क्षेत्र में करीब 150 है। अब इनको नोटिस जारी करने की तैयारी है। इनसे पूछताछ के बाद ट्रांजैक्शन की पोल खुलेगी। 
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नोटबंदी के बाद ट्रांजैक्शन
जांच एजेंसियों के अनुसार इन 150 लोगों के खातों में 15 लाख रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक मिले हैं। यह सब पैसा नोटबंदी के बाद खातों में आया है। यह लोग अनुराग के करीबी हैं। 
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मेरठ के कई लोग रडार पर 
कंपनी में काम करने वाले मेरठ निवासी कई लोग एसटीएफ के रडार पर हैं। इनमें शास्त्रीनगर और जागृति विहार निवासी दो कर्मचारी शामिल हैं। यह अच्छे पदों पर हैं और इन्होंने हाल में गाड़ी खरीदी है। इनके निजी खाते में करोड़ों रुपये जमा हैं। जिन्हें नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा। कई कर्मचारी और करीबी ऐसे हैं, जिनके खातों में करोड़ों रुपये जमा हैं। जिन्होंने पैसा लगाया है या जिनके खाते में मोटा ट्रांजैक्शन हुआ है, वह अपने घरों से फरार होने शुरू हो गए हैं। मोबाइल कॉल डिटेल पर भी काम किया जा रहा है।

वेबवर्क के बैंक खातों में 44 करोड़ रुपये फ्रीज 
नोएडा पुलिस ने वेबवर्क व addsbook.com कंपनी के मालिकों अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा को धोखाधड़ी में जेल भेज दिया। इनके बैंक खातों में जमा करीब 44 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए। पूछताछ में पुलिस को अब तक करीब 40 हजार लोगों से 260 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है। इसमें से 141 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए गए हैं। एसपी सिटी ने बताया कि इनमें 6 करोड़ रुपये के बैंक ड्राफ्ट बरामद हुए। 32.96 करोड़ रुपये का टैक्स और 11.96 करोड़ रुपये का टीडीएस भरा। इन्होंने कंपनी ऑफिस 6.75 करोड़ रुपये में और दो करोड़ की मर्सिडीज व ऑडी कार खरीदीं। आरोपियों ने 7.36 करोड़ रुपये विज्ञापन पर खर्च किए। जिनमें एक करोड़ रुपये नवाजुद्दीन सिद्दीकी को देने की जानकारी मिली। शाहरुख खान से विज्ञापन कराने के लिए इन्होंने कितनी रकम खर्च की, इसकी जानकारी की जा रही है। 


चार मार्च तक जेले भेजे अ‌िभनव समेत तीन आरोपी
एबलेज इंफो कंपनी के नाम से 37 अरब रुपये की ठगी के आरोपी अभिनव मित्तल और उसके दो साथियों श्रीधर प्रसाद व महेश दयाल को लखनऊ  कोर्ट ने 4 मार्च तक के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपियों को शनिवार को मनी लॉंड्रिंग के मामले में जिला न्यायाधीश राजेंद्र सिंह की विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने ईडी को 20 से 22 फरवरी को आरोपियों से जेल में पूछताछ की अनुमति दी है। 

केस एसआईटी को ट्रांसफर 
एबलेज इंफो कंपनी घोटाला मामले में कविनगर थाने में दर्ज एफआईआर को नोएडा की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को ट्रांसफर कर दिया गया है।

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