West UP Weather: बादलों ने जगाई बारिश की उम्मीद; कांवड़ यात्रा के बीच मौसम सुहाना, कई जिलों में बूंदाबांदी
तीन दिन की बारिश के बाद रविवार को तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन सोमवार सुबह मौसम ने फिर करवट ली। आसमान में काले बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलने से मौसम सुहाना हो गया। हालांकि सुबह से बारिश नहीं हुई, लेकिन बादलों की मौजूदगी ने लोगों को राहत दी और बारिश की उम्मीद बढ़ा दी।
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मेरठ में सोमवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आसमान में काले बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलने से मौसम सुहाना हो गया। घने बादलों को देखकर लोगों को बारिश की उम्मीद जगी। हालांकि सुबह से बारिश नहीं हुई, लेकिन बादलों और हवा के कारण तेज धूप व उमस से राहत मिली।
सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। कभी घने बादल छाए तो कुछ देर बाद आसमान साफ दिखाई दिया। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी गिरावट महसूस हुई। गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं मेरठ के आसपास, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में तेज बारिश शुरू हो गई है।
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रविवार को तेज धूप और उमस ने किया परेशान
इससे एक दिन पहले रविवार को मौसम पूरी तरह बदला हुआ था। तीन दिन तक हुई बारिश के बाद रविवार सुबह से तेज धूप निकल आई। आसमान साफ रहा और धूप के साथ उमस भी बढ़ गई। पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई थी, लेकिन रविवार को लोगों को फिर गर्मी का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही धूप तेज होने के कारण सड़कों पर निकलने वाले लोगों को परेशानी हुई। दोपहर के समय भी गर्मी का असर महसूस किया गया। शनिवार तक बादलों और बारिश के कारण राहत महसूस कर रहे लोगों को रविवार को उमस ने बेहाल किया।
चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला में रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स 74 रहा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार बारिश के बाद धूप निकलने पर वातावरण में उमस बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।
बारिश का इंतजार, किसानों को भी उम्मीद
सोमवार को बादल छाने और ठंडी हवा चलने से मौसम फिर सुहाना हो गया। सड़कों और बाजारों में भी गर्मी का असर पिछले दिनों की तुलना में कम महसूस हुआ। शाम तक आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रही और बारिश की उम्मीद कायम रही।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बन सकती है। किसानों को भी अच्छी बारिश का इंतजार है। यदि बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।