पश्चिमी यूपी में बदला मौसम का मिजाज, मेरठ समेत कई जिलों में हुई बारिश, लाॅकडाउन का हुआ पालन मगर किसानों को भारी नुकसान
ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं खराब होते मौसम और हल्की फुहारों ने लाॅकडाउन का पालन कराने में पुलिस की मदद की। बारिश के कारण लोग घरों से कम ही बार निकले और सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। आगे जानें आखिर पश्चिमी यूपी में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच कैसा है माहौल: -
मेरठ में शहर देहात समेत आसपास के कई इलाकों में बारिश हुई। लाॅकडाउन के बीच सदर दाल मंडी पूरी तरह बंद है। लोगों ने राहत अवधि में जरूरत का सामान खरीदा, इसके बाद फिर से बाजार में सन्नाटा पसर गया। मेरठ देहात में बारिश के बावजूद प्रवासी मजदूर और कामगारों को उनके जनपद भेजने का सिलसिला जारी रहा।
मुजफ्फरनगर में सुबह 6 बजे रियायत वाली दुकानें खुलीं। दाल और सब्जी मंडी में नागरिकों की भीड़ रही। पुलिस ने मीनाक्षी चौक शिव चौक भगत सिंह रोड पर बैरिकेडिंग कर किसी वाहन चालकों को आगे नहीं जाने दिया, दो से अधिक सवारी वालों का चालान किया।
जनपद में तेज हवा के साथ जमकर बारिश हुई। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग के साथ कोल्हू का कार्य भी ठप हो गया है। वहीं अपनी फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। अभी भी 40 प्रतिशत गेहूं की कटाई बाकी है।
सहारानपुर में लॉक डाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों को लाने का सिलसिला जारी है। हरियाणाए पंजाबए हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आ रहें हैं कामगार। राधा स्वामी सत्संग भवन में आश्रय दिया जा रहा है।
यहां आ चुके उन कामगारों को भी घर भेजने की हो रही तैयारी जिनका मेडिकल टेस्ट सही है और जो पहले ही क्वारंटीन पीरियड पूरा कर चुके हों, कोरोना संक्रमण के मामले में संवेदनशील हो चुके जिले में अब तक 160 संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें 90 फ़ीसदी से भी अधिक मरीज ऐसे हैं जो या तो जमात से जुड़े हैं या जमाती के संपर्क में रहे हैं।
बिजनौर में रविवार को बैंकों की छुट्टी व अधिकतर मेडिकल स्टोर बंद होने की वजह से लोग घरों से नहीं निकले। बाद में बारिश ने लॉक डाउन का पालन कराने में प्रशासन की मदद की। जिले में मौसम सुबह से ही खराब रहा।
कई इलाकों में दिन में ही रात का नजारा दिखा। कुछ जगह बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई। मंडावर दिन में भी अंधेरा छा गया। यहां भी तेज बारिश के साथ अंधेरा होने के कारण दिन में भी सौर ऊर्जा लाईट जली।