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सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए : नीलांशु दास
Mon, 17 Nov 2025 07:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 17 Nov 2025 07:35 PM IST
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श्रीमद् भागवतकथा में चेयरपर्सन सुधा खटीक एवं कथावाचक रूपानंद महाराज आयोजकों के साथ स्रोत संवाद
न्यू ब्लॉक कॉलोनी के शांति चौराहे पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन
हस्तिनापुर। न्यू ब्लॉक कॉलोनी के शांति चौराहे पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन नीलांशु दास महाराज ने कहा कि हमें सनातन धर्म संस्कृति पर गर्व है। इसकी रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहना चाहिए। सच्चे मन से दान करना चाहिए। कथा के बाद हवन हुआ और पूर्णाहुति पड़ी। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें कस्बे के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार को अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर चेयरपर्सन सुधा खटीक ने भी पहुंचकर धर्मलाभ उठाया। रूपानंद महाराज ने श्रीमद् भागवत की आरती और विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कराया। कथा के अंतिम दिन कथा वाचक ने श्रीमद् भागवत कथा का सारांश बताकर जीवन को जीने की कला भी समझाई। उन्होंने कई उपदेशात्मक वृतांत सुनाकर भक्तों को निहाल भी किया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने सातों दिन की कथा का सारांश सुनाया।
कार्यक्रम के दौरान कृष्णा और रुक्मणी विवाह की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई इस अवसर पर फूलों की होली खेली गई श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा की। फूलों की होली का नजारा देखकर ऐतिहासिक नगरी का माहौल भक्तिमय हो गया। गौ वध का विरोध और गौ सेवा करने पर भी जोर दिया।
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कथा समापन कार्यक्रम के बाद हवन और फिर प्रसाद वितरित किया गया। इस मौक पर डाॅ. स्वदेश शर्मा‚ निकांत बाला‚ बबलू विश्वास‚ विकास गोलदार‚ रतन विश्वास‚ प्रतीश शर्मा‚ सुभाष मालाकार‚ कृष्ण कीर्तनीय‚ अमित सरकार, तरुण सरकार आदि का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। न्यू ब्लॉक कॉलोनी के शांति चौराहे पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन नीलांशु दास महाराज ने कहा कि हमें सनातन धर्म संस्कृति पर गर्व है। इसकी रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहना चाहिए। सच्चे मन से दान करना चाहिए। कथा के बाद हवन हुआ और पूर्णाहुति पड़ी। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें कस्बे के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार को अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर चेयरपर्सन सुधा खटीक ने भी पहुंचकर धर्मलाभ उठाया। रूपानंद महाराज ने श्रीमद् भागवत की आरती और विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कराया। कथा के अंतिम दिन कथा वाचक ने श्रीमद् भागवत कथा का सारांश बताकर जीवन को जीने की कला भी समझाई। उन्होंने कई उपदेशात्मक वृतांत सुनाकर भक्तों को निहाल भी किया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने सातों दिन की कथा का सारांश सुनाया।
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कार्यक्रम के दौरान कृष्णा और रुक्मणी विवाह की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई इस अवसर पर फूलों की होली खेली गई श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा की। फूलों की होली का नजारा देखकर ऐतिहासिक नगरी का माहौल भक्तिमय हो गया। गौ वध का विरोध और गौ सेवा करने पर भी जोर दिया।
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कथा समापन कार्यक्रम के बाद हवन और फिर प्रसाद वितरित किया गया। इस मौक पर डाॅ. स्वदेश शर्मा‚ निकांत बाला‚ बबलू विश्वास‚ विकास गोलदार‚ रतन विश्वास‚ प्रतीश शर्मा‚ सुभाष मालाकार‚ कृष्ण कीर्तनीय‚ अमित सरकार, तरुण सरकार आदि का सहयोग रहा।

श्रीमद् भागवतकथा में चेयरपर्सन सुधा खटीक एवं कथावाचक रूपानंद महाराज आयोजकों के साथ स्रोत संवाद