पानी के लिए दिल्ली में ‘जल सत्याग्रह’
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मेजर हिमांशु सिंह ने जल सत्याग्रह पर प्रकाश डाला।
उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की। राजेंद्र सिंह ने बताया कि जल सत्याग्रह के तहत सरकार से मुख्य मांग भूजल नियंत्रण अधिनियम की होगी, ताकि हर साल 5 मीटर तक नीचे खिसकने वाले भूजल को बचाया जा सके। दूसरा किसान और उद्योगपति सभी के लिए पानी दोहन की समान सीमा बनाई जाए। इसके लिए पानी का समान अधिकार, वाटर सिक्योरिटी एक्ट लागू क रने की मांग रखेंगे। सरकार व समाज को समता पर लाकर जल बचाना है।
इसके साथ ही पानी के स्त्रोताें पर जो कब्जे हैं, उन्हें हटाकर संरक्षित कराया जाएगा। 20 से 22 अप्रैल के दौरान जल पुरुष गंगाजल बिरादरी एवं 130 अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर पश्चिमी उप्र, उत्तराखंड के बाद 5 मई को दिल्ली जंतर -मंतर में मौन सत्याग्रह करेंगे। सामान्य इंसान व सत्ताधारियों को जल के प्रति गंभीर करने के लिए जल सत्याग्रह है। 11-12 राज्यों में होने वाले सत्याग्रह का अहम पड़ाव पश्चिमी उप्र, उत्तराखंड और दिल्ली का होगा।
11 राज्यों में सूखे की गंभीर स्थिति
11 राज्यों में सूखे के कारण स्थिति गंभीर है। 260 जिलों में गंभीर जल संकट है, इसमें 50 जिलों की स्थिति रेड जोन वाली है। पानी का स्तर ब्लू, ग्रीन और रेड होता है जो चरम खतरे का संकेत है।
मेरठ के कमिश्नर, डीएम पानी पर नहीं गंभीर
राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के डीएम और कमिश्नर पानी के प्रति बेहद उदासीन हैं। लगभग दो माह पहले प्रशासन को तालाबों को संरक्षित करने, कब्जे मुक्त कराने का एक प्रस्ताव दिया था। उस पर कमिश्नरी सभागार में वार्ताएं हुईं, मगर धरातल पर आज तक कुछ नहीं किया गया।