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Meerut: 27 अक्टूबर से शुरु होगा सात दिवसीय व्यास समारोह, संस्कृत भाषा में होंगे आयोजन
Sun, 23 Oct 2022 02:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 02:27 AM IST
सार
मेरठ के सीसीएसयू के संस्कृत विभाग में 27 अक्तूबर से दो नवंबर तक व्यास समारोह का आयोजन किया जाएगा।
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CCSU
- फोटो : Amar Ujala Meerut
विस्तार
मेरठ के सीसीएसयू के संस्कृत विभाग में 27 अक्तूबर से दो नवंबर तक व्यास समारोह का आयोजन किया जाएगा। संस्कृत वाद विवाद प्रतियोगिता, शोध संगोष्ठी, संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। शनिवार को विभाग में हुई प्रेस वार्ता में विभाग के समन्वयक प्रो वाचस्पति मिश्र ने बताया कि सात दिन के समारोह का उद्देश्य विभाजित साहित्य का गहन अध्ययन और चिंतन करना है।
समारोह के पहले दिन शोभायात्रा होगी, जो औघड़नाथ मंदिर, छतरी पीर और सेंट जोजफ चर्च होते हुए सूरजकुंड पहुंचेगी। दूसरे दिन अंतर महाविद्यालय संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता, भागवत पुराण शोध संगोष्ठी और योग बल प्रदर्शन होगा।
तीसरे दिन शाम को पौराणिक कथा और कवि समवाय का आयोजन भी जाएगा। चौथे दिन कालीचरण पौराणिक स्मृति व्याख्यान होगा। साथ ही भागवत पुराण शोध पत्रों का वाचन किया जाएगा। संस्कृत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
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पांचवें और छठे दिन भी पौराणिक कथा पर आधारित कार्यक्रम और कवि समवाय होंगे। सातवें और अंतिम दिन समापन और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संयोजक प्रो सुधाकराचार्य त्रिपाठी, डॉ. पूनम लखनपाल, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. नरेंद्र कुमार तेवतिया रहेंगे।
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समारोह के पहले दिन शोभायात्रा होगी, जो औघड़नाथ मंदिर, छतरी पीर और सेंट जोजफ चर्च होते हुए सूरजकुंड पहुंचेगी। दूसरे दिन अंतर महाविद्यालय संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता, भागवत पुराण शोध संगोष्ठी और योग बल प्रदर्शन होगा।
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तीसरे दिन शाम को पौराणिक कथा और कवि समवाय का आयोजन भी जाएगा। चौथे दिन कालीचरण पौराणिक स्मृति व्याख्यान होगा। साथ ही भागवत पुराण शोध पत्रों का वाचन किया जाएगा। संस्कृत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
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पांचवें और छठे दिन भी पौराणिक कथा पर आधारित कार्यक्रम और कवि समवाय होंगे। सातवें और अंतिम दिन समापन और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संयोजक प्रो सुधाकराचार्य त्रिपाठी, डॉ. पूनम लखनपाल, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. नरेंद्र कुमार तेवतिया रहेंगे।