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Meerut News: दुबई से 24 दिन बाद गांव पहुंचा विवेक का शव, गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। रार्धना गांव निवासी युवक विवेक सोम का शव 24 दिन बाद दुबई से घर पहुंचने पर गांव में शोक की व्याप्त हो गया। बुधवार को शव गांव पहुंचते ही परिजनों में मातम छा गया। चौबीसी क्षेत्र समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।
रार्धना गांव निवासी 26 वर्षीय विवेक सोम करीब छह माह पहले रोजगार के लिए दुबई गया था। परिजनों के अनुसार वह शारजाह स्थित एक कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक्स का कार्य करता था। 11 मई को परिजनों को उसके साथियों के माध्यम से विवेक की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद परिवार और ग्रामीण लगातार शव को भारत लाने के प्रयास में जुटे हुए थे।
विदेश मंत्रालय और अन्य विभागों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव भारत लाया जा सका। परिजनों ने बताया कि विवेक के पिता प्रवीण सोम का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो चुका है। परिवार में मां, एक छोटा भाई और एक बहन हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी विवेक के कंधों पर थी। गांव में सीमित कृषि भूमि है।
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गांव प्रधान विश्वास सोम और राहुल सोम ने बताया कि विवेक अपने भाई-बहन का भविष्य संवारने और परिवार को आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से विदेश गया था, लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। विवेक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन और ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
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सरधना। रार्धना गांव निवासी युवक विवेक सोम का शव 24 दिन बाद दुबई से घर पहुंचने पर गांव में शोक की व्याप्त हो गया। बुधवार को शव गांव पहुंचते ही परिजनों में मातम छा गया। चौबीसी क्षेत्र समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।
रार्धना गांव निवासी 26 वर्षीय विवेक सोम करीब छह माह पहले रोजगार के लिए दुबई गया था। परिजनों के अनुसार वह शारजाह स्थित एक कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक्स का कार्य करता था। 11 मई को परिजनों को उसके साथियों के माध्यम से विवेक की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद परिवार और ग्रामीण लगातार शव को भारत लाने के प्रयास में जुटे हुए थे।
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विदेश मंत्रालय और अन्य विभागों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव भारत लाया जा सका। परिजनों ने बताया कि विवेक के पिता प्रवीण सोम का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो चुका है। परिवार में मां, एक छोटा भाई और एक बहन हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी विवेक के कंधों पर थी। गांव में सीमित कृषि भूमि है।
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गांव प्रधान विश्वास सोम और राहुल सोम ने बताया कि विवेक अपने भाई-बहन का भविष्य संवारने और परिवार को आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से विदेश गया था, लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। विवेक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन और ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।