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वायरल में बच्चों के फेफड़ों में इंफैक्शन का खतरा

Wed, 31 Aug 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Wed, 31 Aug 2016 01:50 AM IST
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viral se baccho ko infestion ka khatra
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
डेंगू और चिकनगुनिया के साथ वायरल बच्चों की सेहत पर भी खासा प्रभाव डाल रहा है। बच्चों में तेज  बुखार के साथ जोड़ों में सूजन और दर्द के लक्षण ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। कुछ बच्चों के फेफड़ों में इंफैक्शन दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में एक-दूसरे के संपर्क में आने पर वायरल इंफैक्शन फैलने की ज्यादा संभावना रहती है।
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 वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास सेठ का कहना है कि इस बार वायरल में बच्चों को जोड़ों में दर्द, पैरों में सूजन व हाइग्रेड फीवर की शिकायत सबसे ज्यादा है। फीवर के साथ कुछ बच्चों में फेफड़ों के इंफैक्शन के मामले भी सामने आए हैं। जिससे पता चलता है कि बच्चों में वायरल बुखार शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी असर डाल रहा है। ऐसे काफी बच्चों को इलाज के लिए भर्ती करने तक की जरूरत पड़ी है। क्योंकि फेफड़ों में इंफैक्शन होने का सीधा मतलब है कि सांस लेने में दिक्कत। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के मामले में ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिये।   बच्चों में वायरल का हाई रिस्क
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चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में बच्चों के अंदर वायरल का हाई रिस्क रहता है। क्योंकि बच्चे स्कूल में जाते हैं और आपस में एक-दूसरे से मिलकर बैठते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि अगर कोई बच्चा आंशिक तौर पर भी वायरल की चपेट में है तो ऐसे में संभावना रहती है कि एक से तीन फिट की दूरी पर बैठने वाला बच्चा भी उसकी चपेट में आ जाये। क्योंकि वायरल एक-दूसरे में तेजी से फैलता है। वैसे भी बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। जिस कारण से वायरल इंफैक्शन उन पर जल्दी असर करता है।  
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ऐसे करें बचाव
- बच्चों को अच्छी तरह से हाथ धोने के बाद ही खाना खाने दें
- अगर बच्चे को शरीर में थकावट महसूस होती है तो आराम कराएं
- वायरल के लक्षण दिखाई देने पर बच्चे को स्कूल न भेजें
- इस मौसम में बच्चे को स्कूल कंप्लीट कपड़े पहनाकर ही भेजें
- बच्चों को खाने में ताजा भोजन ही दें

अस्थमा में संभलने की जरूरत
बच्चों के साथ ही इस मौसम में अस्थमा व हार्ट रोगियों को संभलकर रहने की जरूरत होती है। वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि अस्थमा के रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कम रहती है। जिस कारण से ऐसे मरीज जल्द ही वायरल की चपेट में आ जाते है। ऐसे में हिदायत दी जाती है कि ऐसे मरीज बहुत संतुलित भोजन लें और मच्छरों से बचकर रहें।
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