फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   violence in up Accused Anish arrested by Meerut police

यूपी हिंसा: मेरठ से गिरफ्तार अनीस ने कबूला, उपद्रव के लिए पीएफआई ने उकसाया था

Wed, 15 Jan 2020 10:22 AM IST
शाहरुख खान माई सिटी रिपोर्टर, मेरठ
माई सिटी रिपोर्टर, मेरठ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 15 Jan 2020 10:22 AM IST
विज्ञापन
violence in up Accused Anish arrested by Meerut police
आरोपी अनीस खलीफा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 20 दिसंबर के उपद्रव में पुलिस प्रशासन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाले अनीस उर्फ खलीफा को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी अनीस ने सनसनीखेज खुलासा किया कि 1987 के दंगे में पुलिस ने उसके भाई रईस की हत्या कर दी थी। 
विज्ञापन


जिसका बदला लेने के लिये वह पीएफआई से जुड़ा था। उस दिन हिंसा होते ही उसने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं। पुलिस ने आरोपी से पिस्टल और तमंचा बरामद किया है। 
विज्ञापन


नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 20 दिसंबर को लिसाड़ीगेट व हापुड़ रोड पर जमकर उपद्रव हुआ था। जिसमें पुलिस प्रशासन पर पथराव और गोलियां चलाने उपद्रवियों की सीसीटीवी फुटेज से पहचान होनी शुरू हुई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसमें गोली चलाते मिले अनस, अनीस उर्फ खलीफा व नईम पर एसएसपी ने 20-20 हजार रुपये का इनाम रखा था। पुलिस ने नौ जनवरी को अनस को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद अनीस उर्फ खलीफा की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट प्रशांत कपिल को लगाया था। मुखबिर की सटीक सूचना पर इंस्पेक्टर ने खलीफा को गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस के मुताबिक अनीस उर्फ खलीफा ने बताया कि 1987 के दंगे में उसके भाई रईस की मौत हो गई थी। तभी से वह पुलिस के खिलाफ था। साल 2004 में अजय देवगन उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में लिसाड़ीगेट थाने से जेल गया था। 

अयोध्या प्रकरण में फैसला आने के बाद खलीफा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ गया था। पीएफआई के लोग लिसाड़ीगेट में घर-घर जाकर लोगों को उकसा रहे थे। सीएए लागू होने का विरोध करते हुए लोगों को भड़काया गया। 

20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद पुलिस पर हमले की पूरी रणनीति तैयार की गई थी। जिसमें खलीफा और सात-आठ युवकों को पुलिस पर गोलियां चलाने के लिए तैयार किया गया। इस प्लानिंग के तहत हिंसा में पुलिस फोर्स पर गोलियां चलाई थीं।

पीएफआई ने उकसाया था
पीएफआई ने हिंसा करने के लिए लोगों को उकसाया था। 20 हजार के इनामी अनीस उर्फ खलीफा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 1987 के दंगे में अपने भाई की मौत होना बताई है। पुलिस अन्य उपद्रवियों की तलाश में लगी है। -अजय साहनी, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed