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Meerut News: शहर के ‘सितारे’ हैं विनायक और आयुष, राज्य पुरस्कार के लिए चयनित
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शहर के ‘सितारे’ हैं विनायक और आयुष, राज्य पुरस्कार के लिए चयनित
मेरठ। ये युवा विशेष हैं। जो सामान्य नहीं कर पाते इन्होंने वह करके दिखाया। अपनी काबलियत के दम पर देशभर में ये मेरठ का नाम रोशन करने जा रहे हैं। इन्होंने साबित कर दिया कि शारीरिक अक्षमता कभी किसी के बुलंद इरादों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम बात कर रहे हैं अपने शहर के सितारे विनायक बहादुर और आयुष गोयल की।
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय पुरस्कार 2022 के लिए मेरठ से इन दोनों युवाओं को चुना गया है। तीन दिसंबर को विनायक बहादुर और आयुष गोयल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित राज्य पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। आयुष को प्रेरणास्रोत पुरस्कार और विनायक को सर्वश्रेष्ठ सृजनशील दिव्यांग बालक पुरस्कार से नवाजा जाएगा। विनायक बहादुर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में श्रेष्ठ दिव्यांग बालक के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी चयनित किया गया है। तीन दिसंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें यह सम्मान देंगी।
पहले भी विनायक को मिले हैं कई अवार्ड
प्रभातनगर निवासी विनायक जन्म से मूकबधिर हैं। सबसे कम उम्र के प्रथम भारतीय मूकबधिर बैडमिंटन राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में उनको अनेकों सम्मान मिल चुके हैं। मवाना रोड स्थित चैतन्य टेक्नो स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र विनायक का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। विनायक की माता मीतू बहादुर और पिता दीपक बहादुर भी मूकबधिर हैं। पिता को उपराष्ट्रपति द्वारा विशेष दिव्यांग कर्मचारी 2018 अवार्ड मिल चुका है। विनायक को अगस्त में दुबई में विश्व स्तरीय सम्मान ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिगी अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाल शक्ति पुरस्कार, खेलकूद में राष्ट्रीय सम्मान उम्मीद रत्न 2021, बेस्ट पैरा प्लेयर अवार्ड 2019 से नवाजा जा चुका है।
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खुशी से आंसू नहीं रोक पा रहे दादा
विनायक के दादा सेवानिवृत्त जिला जज खगेश बहादुर अपने पोते की उपलब्धि पर खुशी के आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। वे बताते हैं कि विनायक का जन्म दिवाली के दिन हुआ था, तभी से परिवार में खुशियां आ गईं थीं। वे कहते हैं कि पोते को इस मुकाम पर देखना मेरे लिए गर्व की बात है।
मेरठ रत्न से नवाजे जा चुके हैं आयुष
आयुष गोयल अपने भाई पीयूष गोयल के साथ 2017 से पर्यावरण एवं स्वच्छता क्लब चला रहे हैं। आयुष ने स्कूली शिक्षा शांति निकेतन विद्यापीठ से पूरी की है। उन्होंने मेरठ कॉलेज से बीए और एमए की पढ़ाई की। फिलहाल वह डीएन कॉलेज से बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों भाइयों को जिलाधिकारी मेरठ रत्न से सम्मानित कर चुके हैं। लखनऊ में आयुष को दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणास्रोत बनने पर सम्मानित किया जाएगा। आयुष के पिता रविंद्र कुमार गोयल और माता सुधा गोयल का कहना है कि दोनों बेटों पर उन्हें गर्व है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
बोले-आयुष
मैं आज बहुत खुश हूं। योगी आदित्यनाथ जी का बहुत-बहुत शुक्रिया। मेरे माता-पिता को हम पर बड़ा गर्व है। शारीरिक अक्षमता आपके बुलंद इरादों को नहीं डिगा सकती है।
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मेरठ। ये युवा विशेष हैं। जो सामान्य नहीं कर पाते इन्होंने वह करके दिखाया। अपनी काबलियत के दम पर देशभर में ये मेरठ का नाम रोशन करने जा रहे हैं। इन्होंने साबित कर दिया कि शारीरिक अक्षमता कभी किसी के बुलंद इरादों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम बात कर रहे हैं अपने शहर के सितारे विनायक बहादुर और आयुष गोयल की।
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय पुरस्कार 2022 के लिए मेरठ से इन दोनों युवाओं को चुना गया है। तीन दिसंबर को विनायक बहादुर और आयुष गोयल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित राज्य पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। आयुष को प्रेरणास्रोत पुरस्कार और विनायक को सर्वश्रेष्ठ सृजनशील दिव्यांग बालक पुरस्कार से नवाजा जाएगा। विनायक बहादुर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में श्रेष्ठ दिव्यांग बालक के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी चयनित किया गया है। तीन दिसंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें यह सम्मान देंगी।
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पहले भी विनायक को मिले हैं कई अवार्ड
प्रभातनगर निवासी विनायक जन्म से मूकबधिर हैं। सबसे कम उम्र के प्रथम भारतीय मूकबधिर बैडमिंटन राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में उनको अनेकों सम्मान मिल चुके हैं। मवाना रोड स्थित चैतन्य टेक्नो स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र विनायक का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। विनायक की माता मीतू बहादुर और पिता दीपक बहादुर भी मूकबधिर हैं। पिता को उपराष्ट्रपति द्वारा विशेष दिव्यांग कर्मचारी 2018 अवार्ड मिल चुका है। विनायक को अगस्त में दुबई में विश्व स्तरीय सम्मान ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिगी अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाल शक्ति पुरस्कार, खेलकूद में राष्ट्रीय सम्मान उम्मीद रत्न 2021, बेस्ट पैरा प्लेयर अवार्ड 2019 से नवाजा जा चुका है।
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खुशी से आंसू नहीं रोक पा रहे दादा
विनायक के दादा सेवानिवृत्त जिला जज खगेश बहादुर अपने पोते की उपलब्धि पर खुशी के आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। वे बताते हैं कि विनायक का जन्म दिवाली के दिन हुआ था, तभी से परिवार में खुशियां आ गईं थीं। वे कहते हैं कि पोते को इस मुकाम पर देखना मेरे लिए गर्व की बात है।
मेरठ रत्न से नवाजे जा चुके हैं आयुष
आयुष गोयल अपने भाई पीयूष गोयल के साथ 2017 से पर्यावरण एवं स्वच्छता क्लब चला रहे हैं। आयुष ने स्कूली शिक्षा शांति निकेतन विद्यापीठ से पूरी की है। उन्होंने मेरठ कॉलेज से बीए और एमए की पढ़ाई की। फिलहाल वह डीएन कॉलेज से बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों भाइयों को जिलाधिकारी मेरठ रत्न से सम्मानित कर चुके हैं। लखनऊ में आयुष को दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणास्रोत बनने पर सम्मानित किया जाएगा। आयुष के पिता रविंद्र कुमार गोयल और माता सुधा गोयल का कहना है कि दोनों बेटों पर उन्हें गर्व है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
बोले-आयुष
मैं आज बहुत खुश हूं। योगी आदित्यनाथ जी का बहुत-बहुत शुक्रिया। मेरे माता-पिता को हम पर बड़ा गर्व है। शारीरिक अक्षमता आपके बुलंद इरादों को नहीं डिगा सकती है।