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38 वर्ष तक पिता-पुत्र पर ग्रामीणों ने दिखाया भरोसा

Thu, 26 Jun 2025 01:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 01:46 AM IST
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Villagers showed trust in father and son for 38 years
हस्तिनापुर। गंगा किनारे बसे गांव किशोरपुर का पंचायत चुनाव को लेकर अपना रोचक इतिहास रहा है। यहां पर 38 वर्ष तक पिता और पुत्र ग्राम प्रधान रहे। पिता हुकम सिंह 30 वर्ष तो बेटा ऋषि कुमार 8 वर्ष तक ग्राम प्रधान रहे।
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ग्राम पंचायत किशोरपुर में तीन मजरे हैं, जिसमें किशोरपुर और मामेपुर की वर्तमान आबादी करीब तीन हजार है। यहां पर 1600 मतदाता हैं। इसी ग्राम पंचायत का दूपेड़ीचाव मजरा गैरआबाद है। प्रदेश में 15 अगस्त, 1949 से पंचायतों की स्थापना हुई। पहले चरण में ग्राम पंचायतों का गठन किया गया। उसके बाद 1951-52 में ग्राम सभाओं की संख्या बढ़ाई गई। ग्राम पंचायत का पहला चुनाव किशोरपुर में भी हुआ। यहां पर ग्रामीणों की सहमति से हुकमचंद को ग्राम प्रधान चुना गया। वह 1952 से 1982 तक लगातार ग्राम प्रधान रहे। उनके बाद 1982 से 1988 तक गांव में सोजीराम ग्राम प्रधान रहे। 1988 के पंचायत चुनाव में हुकम सिंह के पुत्र ऋषि कुमार चुनाव मैदान में आए और जीत हासिल की। वह भी लगभग 8 वर्ष तक ग्राम प्रधान रहे।
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2021 में रितु चौधरी बनी थी ग्राम प्रधान
2021 के ग्राम पंचायत चुनाव में रितु चौधरी ग्राम प्रधान चुनी गईं। अब फिर से पंचायत चुनाव की सरगर्मी शुरू हो गई है। दावेदारों ने अपने-अपने ढंग से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। ऐसे में लगा रहा है कि अगले वर्ष होने वाला चुनाव भी बहुत रोचक होगा।
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गांव में शिक्षा व अन्य सुविधाओं की स्थिति
ग्राम पंचायत किशोरपुर में एक शहीद स्मारक है। एक प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल भी है। गांव में कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कोई इंटर कॉलेज नहीं होने के कारण आठवीं के बाद पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को मवाना जाना पड़ता है। दो आंगनबाड़ी केंद्र, एक स्वास्थ्य उपकेंद्र, एक पशु चिकित्सालय और पानी की टंकी मौजूद है।



आरक्षण का है इंतजार
आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में आरक्षण का इंतजार है। अगर हमारे अनुसार आरक्षण आया तो ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ेंगे। पूर्व में भी ग्राम पंचायत में कई विकास कार्य कराए हैं।
-चिंकी, पूर्व ग्राम प्रधान


मौका मिला तो फिर लड़ेंगे चुनाव
अपनी क्षमता के अनुसार गांव में विकास कार्य कराए। अगर फिर से मौका मिला तो पंचायत चुनाव अवश्य लड़ेंगे। -ऋतु चौधरी, ग्राम प्रधान
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