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गन्ना मिल गेट या क्रय केंद्र पर डालने को लेकर ग्रामीणों का बखेड़ा
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गन्ना मिल गेट या क्रय केंद्र पर डालने को लेकर ग्रामीणों का बखेड़ा
सरधना। अटेरना के ग्रामीणों के बीच गन्ना केंद्र या चीनी मिल गेट पर डालने को लेकर विवाद चला आ रहा है। रविवार को इस मामले में निर्णय लेने के लिए ग्रामीणों ने गांव के पंचायत घर में ग्रामीणों की पंचायत बुलाई। लेकिन गन्ना डालने को लेकर एक ग्रामीणों के बीच एक राय नहीं बन सकी।गन्ना क्रय को लेकर कागज पर हस्ताक्षर कराए गए तो एक युवक ने कागज ही फाड़ दिया, जिसे लेकर बखेड़ा हो गया। कुछ लोगों ने कमरे में छिपकर जान बचाई। जिससे गांव में दो गुटों में तनाव बना हुआ है।
अटेरना के किसानों का गन्ना सकौती चीनी मिल में जाता था। कुछ वर्ष पहले ज्यादातर किसानों ने सकौती चीनी मिल से अपना बांड कटवाकर दौराला चीनी मिल से जुड़वा लिया। अब कुछ किसानों ने दौराला चीनी मिल के अधिकारियों से मांग है कि मिल से उनके गांव की करीब 12 किमी से अधिक दूरी है। अधिकतर किसान गांव में गन्ना क्रय केंद्र चाहते हैं। जिसे लेकर चीनी मिल के अधिकारियों ने गांव के उन किसानों के हस्ताक्षर करके मंगवाए जो गांव में गन्ना क्रय केंद्र चाहते हैं। सैकड़ों की संख्या में किसानों ने हस्ताक्षर युक्त पत्र चीनी मिल के अधिकारियों को दिया। इस मामले में कुछ किसान लखनऊ जाकर गन्ना मंत्री सुरेश राणा से भी मिले।
वहीं, दूसरी तरफ कुछ किसानों के हस्ताक्षर फर्जी होने की बात गांव में फैल गई। जिसे लेकर रविवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गन्ना क्रय केंद्र का कांटा गांव में नहीं लगवाने के पक्ष में किसानों की संख्या ज्यादा हुई तो कुछ ने गन्ना क्रय केंद्र के पक्ष में फर्जी हस्ताक्षर करने शुरू कर दिए, जिसे लेकर पंचायत में जमकर बखेड़ा हुआ। एक युवक ने हस्ताक्षर वाले कागजों को ही फाड़ डाला। कुछ ने दूसरे कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
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फिलहाल गन्ना क्रय केंद्र का कांटा गांव में लगेगा या नहीं, इस मुद्दे को लेकर गांव में दो गुटों के बीच तनाव बना हुआ है।
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सरधना। अटेरना के ग्रामीणों के बीच गन्ना केंद्र या चीनी मिल गेट पर डालने को लेकर विवाद चला आ रहा है। रविवार को इस मामले में निर्णय लेने के लिए ग्रामीणों ने गांव के पंचायत घर में ग्रामीणों की पंचायत बुलाई। लेकिन गन्ना डालने को लेकर एक ग्रामीणों के बीच एक राय नहीं बन सकी।गन्ना क्रय को लेकर कागज पर हस्ताक्षर कराए गए तो एक युवक ने कागज ही फाड़ दिया, जिसे लेकर बखेड़ा हो गया। कुछ लोगों ने कमरे में छिपकर जान बचाई। जिससे गांव में दो गुटों में तनाव बना हुआ है।
अटेरना के किसानों का गन्ना सकौती चीनी मिल में जाता था। कुछ वर्ष पहले ज्यादातर किसानों ने सकौती चीनी मिल से अपना बांड कटवाकर दौराला चीनी मिल से जुड़वा लिया। अब कुछ किसानों ने दौराला चीनी मिल के अधिकारियों से मांग है कि मिल से उनके गांव की करीब 12 किमी से अधिक दूरी है। अधिकतर किसान गांव में गन्ना क्रय केंद्र चाहते हैं। जिसे लेकर चीनी मिल के अधिकारियों ने गांव के उन किसानों के हस्ताक्षर करके मंगवाए जो गांव में गन्ना क्रय केंद्र चाहते हैं। सैकड़ों की संख्या में किसानों ने हस्ताक्षर युक्त पत्र चीनी मिल के अधिकारियों को दिया। इस मामले में कुछ किसान लखनऊ जाकर गन्ना मंत्री सुरेश राणा से भी मिले।
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वहीं, दूसरी तरफ कुछ किसानों के हस्ताक्षर फर्जी होने की बात गांव में फैल गई। जिसे लेकर रविवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गन्ना क्रय केंद्र का कांटा गांव में नहीं लगवाने के पक्ष में किसानों की संख्या ज्यादा हुई तो कुछ ने गन्ना क्रय केंद्र के पक्ष में फर्जी हस्ताक्षर करने शुरू कर दिए, जिसे लेकर पंचायत में जमकर बखेड़ा हुआ। एक युवक ने हस्ताक्षर वाले कागजों को ही फाड़ डाला। कुछ ने दूसरे कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
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फिलहाल गन्ना क्रय केंद्र का कांटा गांव में लगेगा या नहीं, इस मुद्दे को लेकर गांव में दो गुटों के बीच तनाव बना हुआ है।