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Meerut News: सीबीजी व जैविक खाद के निर्माण में ग्रामीण बन रहे बाधा
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- कंपनी ने एसडीएम से की कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील क्षेत्र में कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) और जैविक खाद निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीएस ग्रीन गैस की तरफ से एसडीएम से शिकायत की गई है।
शिकायत में बताया कि फर्म द्वारा जैविक खाद निर्माण और मैनेजमेंट का कार्य किया जा रहा है, जिसकी निगरानी अनुज मोतला के निर्देशन में होती है। यह इकाई भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों से मान्यता प्राप्त है। खाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उसे सरधना तहसील के सकौती स्थित निजी भूमि पर सुखाया जाता है। आरोप है कि गांव रूहासा और मंडौरा निवासी लोग इस कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
बताया गया है कि यह लोग कंपनी के कर्मचारियों को धमकाते हैं, जिससे उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और नई गैस उत्पादन में भी कमी आ रही है। अमित मोतला का कहना है कि इस कारण न केवल उत्पादन बाधित हो रहा है, बल्कि सरकार की किसानों को समय पर जैविक खाद उपलब्ध कराने की योजना भी प्रभावित हो रही है। इस मामले में उपजिलाधिकारी से कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित पक्ष ने एसडीएम से मामले में हस्तक्षेप कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील क्षेत्र में कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) और जैविक खाद निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीएस ग्रीन गैस की तरफ से एसडीएम से शिकायत की गई है।
शिकायत में बताया कि फर्म द्वारा जैविक खाद निर्माण और मैनेजमेंट का कार्य किया जा रहा है, जिसकी निगरानी अनुज मोतला के निर्देशन में होती है। यह इकाई भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों से मान्यता प्राप्त है। खाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उसे सरधना तहसील के सकौती स्थित निजी भूमि पर सुखाया जाता है। आरोप है कि गांव रूहासा और मंडौरा निवासी लोग इस कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
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बताया गया है कि यह लोग कंपनी के कर्मचारियों को धमकाते हैं, जिससे उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और नई गैस उत्पादन में भी कमी आ रही है। अमित मोतला का कहना है कि इस कारण न केवल उत्पादन बाधित हो रहा है, बल्कि सरकार की किसानों को समय पर जैविक खाद उपलब्ध कराने की योजना भी प्रभावित हो रही है। इस मामले में उपजिलाधिकारी से कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित पक्ष ने एसडीएम से मामले में हस्तक्षेप कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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