{"_id":"591f54844f1c1bdb30f237e8","slug":"vijay-aanad-and-daljeet-can-face-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच का विरोध विजय आनंद और दलजीत को पड़ सकता है भारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच का विरोध विजय आनंद और दलजीत को पड़ सकता है भारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2017 02:40 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नकली प्रोटीन प्रोडक्ट बेचे जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गठित कमीशन का विरोध करना व्यापारी नेताओं को भारी पड़ सकता। अहम बात ये है कि इसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली भी घेरे में आ गए हैं। शुक्रवार को कोर्ट ने इस मामले में बेहद गंभीरता दिखाई है और 26 मई को आरोपियों को पेश होने को कहा है।
यह है मामला
खैरनगर दवा बाजार में प्रोटीन प्रोडक्ट भी बेचा जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नकली प्रोडेक्ट की जांच के लिए कमीशन गठित किया था। जिस पर चार अधिवक्ताओं का कमीशन जांच के लिए 16 अगस्त 2016 को खैरनगर आया था। इस कमीशन ने छह व्यापारियों के यहां से सैंपल लिये। जिसका व्यापारियों ने विरोध किया और सूचना पर संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी सरदार दलजीत सिंह, विजय आनंद अग्रवाल, संदीप रेवड़ी, गजेंद्र शर्मा आदि भी वहां पहुंचे थे। विरोध ज्यादा होने पर पुलिस भी आ गई थी। वहीं, कोतवाली थाने में व्यापारियों के दबाव में कमीशन ने लियेे सैंपलों की एक-एक कॉपी व्यापारियों को भी सौंपी थी।
कमीशन ने कराया हाईकोर्ट में वाद दायर
कमीशन में दिल्ली से अधिवक्ता आए थे। इन लोगों ने वापस जाकर व्यापारियों समेत तत्कालीन इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव के खिलाफ वाद दायर करा दिया था। जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर इन्हें तलब कर लिया। बताया गया है कि इसमें जिन व्यापारियों के यहां सैंपल लिये गये थे, उन्होंने व्यापारी नेताओं पर ही विरोध का ठीकरा फोड़ दिया। व्यापारियों ने कहा कि हमें सैंपल देने से कोई ऐतराज नहीं था, लेकिन व्यापारी नेताओं ने विरोध किया था।
विज्ञापन
फंस गए इंस्पेक्टर सहित तीनों
कोर्ट ने तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव, व्यापारी नेता विजय आनंद अग्रवाल और दलजीत सिंह को हर तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों को स्पष्ट कर दिया कि वे 26 मई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होंगे। अदालत इस मसले पर बेहद गंभीर है। सरदार दलजीत सिंह और विजय आनंद अग्रवाल ने भी इसकी पुष्टि की है कि अदालत इस मामले में कड़ी फटकार लगा चुकी है।
विज्ञापन
यह है मामला
खैरनगर दवा बाजार में प्रोटीन प्रोडक्ट भी बेचा जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नकली प्रोडेक्ट की जांच के लिए कमीशन गठित किया था। जिस पर चार अधिवक्ताओं का कमीशन जांच के लिए 16 अगस्त 2016 को खैरनगर आया था। इस कमीशन ने छह व्यापारियों के यहां से सैंपल लिये। जिसका व्यापारियों ने विरोध किया और सूचना पर संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी सरदार दलजीत सिंह, विजय आनंद अग्रवाल, संदीप रेवड़ी, गजेंद्र शर्मा आदि भी वहां पहुंचे थे। विरोध ज्यादा होने पर पुलिस भी आ गई थी। वहीं, कोतवाली थाने में व्यापारियों के दबाव में कमीशन ने लियेे सैंपलों की एक-एक कॉपी व्यापारियों को भी सौंपी थी।
विज्ञापन
कमीशन ने कराया हाईकोर्ट में वाद दायर
कमीशन में दिल्ली से अधिवक्ता आए थे। इन लोगों ने वापस जाकर व्यापारियों समेत तत्कालीन इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव के खिलाफ वाद दायर करा दिया था। जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर इन्हें तलब कर लिया। बताया गया है कि इसमें जिन व्यापारियों के यहां सैंपल लिये गये थे, उन्होंने व्यापारी नेताओं पर ही विरोध का ठीकरा फोड़ दिया। व्यापारियों ने कहा कि हमें सैंपल देने से कोई ऐतराज नहीं था, लेकिन व्यापारी नेताओं ने विरोध किया था।
विज्ञापन
फंस गए इंस्पेक्टर सहित तीनों
कोर्ट ने तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव, व्यापारी नेता विजय आनंद अग्रवाल और दलजीत सिंह को हर तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों को स्पष्ट कर दिया कि वे 26 मई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होंगे। अदालत इस मसले पर बेहद गंभीर है। सरदार दलजीत सिंह और विजय आनंद अग्रवाल ने भी इसकी पुष्टि की है कि अदालत इस मामले में कड़ी फटकार लगा चुकी है।