अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : उत्साह से लबरेज दिखे बच्चे, मेरठ में छह दिन में 6001 ने लगवाया बचाव का टीका
मेरठ में पिछले छह दिन में 6001 बच्चों ने टीका लगवाया है। इसमें 15 मार्च 2010 के पूर्व और 15 मार्च 2008 के बाद जन्मे बच्चे लाभार्थी हैं।
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मेरठ में पुलिस लाइन के टीकाकरण केंद्र पर 12 साल की वंशिका अधिवक्ता पिता विकास गर्ग के साथ आती है। वह छठी में पढ़ती है। उसके चेहरे पर न टीके का डर है, न ही कोई भ्रम। वह कहती हैं-मैं जानती हूं इससे कोरोना से बचाव होगा, मुझे तो पता भी नहीं चला। विकास गर्ग बोले, जब तक टीका नहीं लगा तो स्कूल भेजते हुए डर तो रहता ही था, लेकिन अब यह डर खत्म हो गया है। 28 दिन बाद दूसरे डोज लगवाने लाऊंगा।
टीकाकरण पर यह सोच अकेली वंशिका की नहीं है, बल्कि हर उस 12 से 14 साल के बालक-बालिका की है, जो टीका लगवा रहे हैं। पिछले छह दिन में 6001 बच्चों ने टीका लगवाया है। इसमें 15 मार्च 2010 के पूर्व और 15 मार्च 2008 के बाद जन्मे बच्चे लाभार्थी हैं।
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टीकाकरण के दौरान उन्हें आधार कार्ड और स्कूल का पहचान पत्र लाना होता, जिसमें जन्म तिथि अंकित हो। कोई और प्रक्रिया नहीं करनी पड़ती। तुरंत टीका लग जाता है और 15 मिनट बाद घर भेज देते हैं। इन्हें कार्बेवैक्स वैक्सीन की 0.5 एमएल की प्रथम डोज लगाई जा रही है और 28 दिन बाद दूसरी डोज लगाई जाएगी।
यह आ रही अड़चन
टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग और बच्चों के सामने कई अड़चनें आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का पोलियो अभियान भी चल रहा है। काफी स्टाफ इसमें लगा हुआ है। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं, जिस कारण परीक्षा देने वाले कुछ छात्र-छात्राएं अभी टीका लगवाने के संकोच कर रहे हैं। सीबीएसई के स्कूल एक अप्रैल से खुल रहे हैं, ऐसे में स्कूलों में अभी शिविर नहीं लग पा रहे हैं। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रोत्साहन या कोई नया प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
पूरी तरह सुरक्षित है टीका
ये ऐसे ही लगाई जा रही है, जैसे कोवाक्सिन और कोविशील्ड की डोज लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को 78 हजार डोज मिली हैं। एक वायल में 20 डोज हैं।
- डॉ. अखिलेश मोहन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
ऐसे रहा टीकाकरण का ग्राफ
तारीख टीकाकरण
16 मार्च 838
21 मार्च 1273
22 मार्च 1103
23 मार्च 1049
24 मार् 778
25 मार्च 960
83 बूथों पर कराया गया टीकाकरण
टीकाकरण के लिए 26 अर्बन हेल्थ सेंटर, 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, पीएल शर्मा जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में 83 बूथ बनाए गए हैं।
डर कैसा, टीका सुरक्षित है
टीके से डर कैसा, यह कोरोना से बचाव का टीका है, जिसने मुझे सुरक्षित किया है। - अनन्या
अब बिना डरे जा सकूंगी स्कूल
कोरोना से डर तो लगता ही है, पर टीका लग गया है। बिना डरे स्कूल जा सकूंगी। - मनीषा लांबा
टीके का पता नहीं चला
टीका लगने से पहले डर लग रहा था, लेकिन जब लगा तो पता भी नहीं चला। - समीर
मम्मी-पापा का डर कम होगा
मैं तो पहले भी नहीं डरती थी, पर अब मुझे टीका लगने से मम्मी-पापा का डर भी कम हो जाएगा। - सिमरन