उत्कल हादसा: रेलवे में गुपचुप चल रहा ये बड़ा खेल, जानिए क्या?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पिछले साल हुए बड़े रेल हादसे में कार्रवाई होने के बजाय रेलवे में गुपचुप तरीके से ये बड़ा खेल चल रहा है। आप भी जानिए जरूर...
मुजफ्फरनगर में हुए उत्कल ट्रेन हादसे में बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को रेलवे ने गुपचुप तरीके से बहाल कर दिया है। जेई प्रदीप कुमार को छोड़कर 12 कर्मचारियों की बर्खास्तगी को वापस ले लिया गया है। इन कर्मचारियों को रेलवे ने हरियाणा में ड्यूटी दी है। हालांकि प्रकरण में रेलवे बोर्ड ने जांच जारी रखी है। सीओ जीआरपी गाजियाबाद भी हादसे की जांच कर रहे हैं।
पिछले साल 19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल-कलिंग एक्सप्रेस खतौली में पटरी से उतर गई थी। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी और 90 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। रेलवे बोर्ड के पांच विभागों ने मामले की जांच की थी और हादसे के एक सप्ताह बाद ड्यूटी में लापरवाही, रेलवे एक्ट की धारा 151, 154 के साथ कई संगीन धाराओं में रेलपथ जूनियर इंजीनियर प्रदीप कुमार समेत 11 गैंगमैन, एक लोहार को बर्खास्त कर दिया गया था।
पढ़ें : खतौली में उत्कल एक्सप्रेस की 14 बोगियां पटरी से उतरीं, 22 की मौत, 156 घायल
बता दें कि जेई प्रदीप कुमार को छोड़कर अन्य सभी 12 कर्मचारियों का निष्कासन (टर्मिनेशन) बहाल कर दिया है। बहाल कर्मचारियों में बिजेंद्र सिंह, गैंगमैन बाबूराम, मनीष शर्मा, पवन कुमार, मनोज कुमार, जय प्रकाश, उदयपाल, लोकेंद्र कुमार, प्रकाश आदि 12 कर्मचारी शामिल हैं।
रेलवे के इंजीनियर (रेल पथ) मनोज कुमार यादव ने बताया कि बर्खास्त 12 कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। जेई प्रदीप को बहाल नहीं किया गया है। स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि रेलवे ने बर्खास्त कर्मचारियों को हरियाणा राज्य के जागल स्टेशन क्षेत्र में ड्यूटी सौंपी है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/