{"_id":"60846b6b8ebc3e8d30546b4e","slug":"uproar-over-death-of-corona-infected-at-jagdamba-hospital-in-meerut-allegations-of-negligence-of-stopping-oxygen","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मेरठ के जगदंबा अस्पताल में कोरोना संक्रमित की मौत पर हंगामा, स्टाफ पर लापरवाही व आॅक्सीजन रोकने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ के जगदंबा अस्पताल में कोरोना संक्रमित की मौत पर हंगामा, स्टाफ पर लापरवाही व आॅक्सीजन रोकने का आरोप
Sun, 25 Apr 2021 12:33 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 25 Apr 2021 12:33 AM IST
सार
- कोविड इलाज की अनुमति निरस्त, मेडिकल में शिफ्ट कराए मरीज
- इलाज में लापरवाही, आक्सीजन की कम आपूर्ति के आरोप लगाए
विज्ञापन
ऑक्सीजन के लिए मची मारामारी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मेरठ के जगदंबा अस्पताल में कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम करने के भी आरोप लगाए गए। उधर, सीएमओ ने अस्पताल की कोविड इलाज की अनुमति निरस्त कर दी और यहां भर्ती संक्रमित मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करा दिए गए।
विज्ञापन
मेडिकल थाना क्षेत्र के आई ब्लॉक हापुड़ रोड स्थित अस्पताल में दिल्ली निवासी माया को पिछले रविवार को भर्ती किया गया था। आरोप है कि उस समय माया की रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन हॉस्पिटल में उन्हें पॉजिटिव बताकर पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद निरंतर पैसे मांगे थे।
विज्ञापन
शुक्रवार रात भी महिला के पति और उनकी पुत्री पर 10 हजार रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया गया। उन्होेंने पांच हजार रुपये जमा कराए और बाकी बाद में जमा करने के लिए कहा, फिर भी उन पर दबाव कम नहीं किया गया। अस्पताल स्टाफ ने रात करीब तीन बजे माया की मृत्यु की जानकारी दी।
विज्ञापन
इसके बाद महिला की बेटी और पति ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि पांच हजार रुपये कम होने की वजह से ऑक्सीजन नहीं लगाने के कारण मौत हुई है। सूचना पर साढ़े चार बजे मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
दरोगा अरुण कुमार ने संबंधित कर्मचारी को बुलाया लेकिन उसे पेश नहीं किया। पता चला कि कर्मचारी पैसे फेंककर भाग गया। मामले में माया की बेटी करिश्मा जायसवाल ने एसीएम सिविल लाइन चंद्रेश कुमार को जिलाधिकारी के नाम पत्र दिया। इसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा मामला तो हरकत में आए अधिकारी
बताया जाता है कि माया के पति ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद आए फोन से जिला प्रशासन हरकत में आया और एसीएम सिविल लाइन को मौके पर भेजा गया। इंटेलिजेंस एवं एलआईयू की रिपोर्ट में भी अस्पताल की लापरवाही उजागर की गई है।
किसी की ऑक्सीजन कम की, किसी का गला दबाया
बेटी का आरोप है कि अस्पताल में कुछ की ऑक्सीजन जान-बूझकर कम की जा रही थी तो एक मरीज को गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। उसका बेटा आ गया तो कर्मचारी भाग गए। ऑक्सीजन नहीं होने के बावजूद यहां ज्यादा मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने कुछ वीडियो बनाए हैं, जिनमें मरीज बेड पर हैं और स्टाफ नजर नहीं आ रहा है। अस्पताल वाले बिल भी नहीं दे रहे हैं।
ऑक्सीजन की कमी के बावजूद भर्ती कर रहे थे मरीज
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी। इसके बावजूद मरीज भर्ती किए जा रहे थे। वहीं, कुछ लोगों का आरोप यह भी है कि अस्पताल में स्टाफ भी पर्याप्त नहीं है। कई बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से ही पैरामेडिकल स्टाफ का कार्य कराया जा रहा था।
छह संक्रमित मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट
जगदंबा अस्पताल में कुल 13 मरीज भर्ती थे, इनमें छह कोविड के थे। उन्हें मेडिकल में शिफ्ट करा दिया गया है। - डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ
पैसे न देने पड़ें, इसलिए किया हंगामा
पैसे न देने पड़ें, इसलिए हंगामा किया गया। दवाओं के 60 हजार रुपये भी नहीं दिए हैं। अब अस्पताल में तीन नॉन कोविड मरीज भर्ती हैं। कोविड की अनुमति हंगामे की वजह से नहीं, बल्कि अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने की वजह से निरस्त की गई है। -रविंद्र, संचालक, जगदंबा अस्पताल
बताया जाता है कि माया के पति ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद आए फोन से जिला प्रशासन हरकत में आया और एसीएम सिविल लाइन को मौके पर भेजा गया। इंटेलिजेंस एवं एलआईयू की रिपोर्ट में भी अस्पताल की लापरवाही उजागर की गई है।
किसी की ऑक्सीजन कम की, किसी का गला दबाया
बेटी का आरोप है कि अस्पताल में कुछ की ऑक्सीजन जान-बूझकर कम की जा रही थी तो एक मरीज को गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। उसका बेटा आ गया तो कर्मचारी भाग गए। ऑक्सीजन नहीं होने के बावजूद यहां ज्यादा मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने कुछ वीडियो बनाए हैं, जिनमें मरीज बेड पर हैं और स्टाफ नजर नहीं आ रहा है। अस्पताल वाले बिल भी नहीं दे रहे हैं।
ऑक्सीजन की कमी के बावजूद भर्ती कर रहे थे मरीज
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी। इसके बावजूद मरीज भर्ती किए जा रहे थे। वहीं, कुछ लोगों का आरोप यह भी है कि अस्पताल में स्टाफ भी पर्याप्त नहीं है। कई बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से ही पैरामेडिकल स्टाफ का कार्य कराया जा रहा था।
छह संक्रमित मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट
जगदंबा अस्पताल में कुल 13 मरीज भर्ती थे, इनमें छह कोविड के थे। उन्हें मेडिकल में शिफ्ट करा दिया गया है। - डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ
पैसे न देने पड़ें, इसलिए किया हंगामा
पैसे न देने पड़ें, इसलिए हंगामा किया गया। दवाओं के 60 हजार रुपये भी नहीं दिए हैं। अब अस्पताल में तीन नॉन कोविड मरीज भर्ती हैं। कोविड की अनुमति हंगामे की वजह से नहीं, बल्कि अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने की वजह से निरस्त की गई है। -रविंद्र, संचालक, जगदंबा अस्पताल