मोदीपुरम। पल्लवपुरम की उदय सिटी कॉलोनी में आर्य समाज का तीन दिवसीय श्रावणी पर्व संपन्न हो गया। समापन पर वैदिक गुरुकुल परंपरा के अनुसार 11 बालकों का उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार कराया गया। उन्हें वैदिक शिक्षा और संस्कारों का महत्व बताया गया।
मुख्य वक्ता प्रो. विनय विद्यालंकार ने वेदों में वर्णित सोलह संस्कारों की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की। इसमें बताया कि संस्कार मनुष्य जीवन को उच्च आदर्शों की ओर अग्रसर करने वाली जीवन-प्रणाली है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों में श्रेष्ठता लानी चाहिए। इसके लिए माता-पिता और गुरुओं का मार्गदर्शन जरूरी है। आचार्य आनंद प्रकाश शास्त्री ने भी वैदिक गुरुकुल परंपरा के बारे में बताया। कार्यक्रम में पंडित मोहित आर्य ने भजनों के माध्यम से वैदिक संस्कृति के प्रति जागरूक किया। संचालन डॉ. विपिन कुमार ने किया। कार्यक्रम में यशपाल सिंह, नवनीत, प्रजन्य, देवांश, निर्णय, श्रेष्ठ, शौरवयी, प्रीशा, उदय, विभु, साती, अदिति, पल्लवी, बबीता, सुमन आदि का सहयोग रहा।