सिपाही बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, इतने लाख में लेते थे ठेका, एक गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर आउट कराने के नाम पर और पुलिस में भर्ती कराने का ठेका लेने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। शामली कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपी मुरादाबाद जिले में चकबंदी में लेखपाल है। पुलिस का दावा है कि अभ्यर्थियों से साढ़े सात-सात लाख रुपये में भर्ती कराने का ठेका लिया गया था। एक महिला अभ्यर्थी से छह लाख रुपये नकद तथा दो अभ्यर्थियों से डेढ़, डेढ़ लाख रुपये चेक से एडवांस लिए गए थे। इस गिरोह का सरगना बागपत जिले का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा और पुलिस भर्ती परीक्षा के नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए दलालों और पेपर आउट कराने वाले माफिया की धरपकड़ के लिए टीम लगाई गई थी। मंगलवार दोपहर करीब 1.30 क्राइम ब्रांच और शामली कोतवाली पुलिस ने दिल्ली रोड पर सिटी ग्रीन बैंक्वेट हाल के पास से पेपर आउट कराने वाले भर्ती माफिया गिरोह के सदस्य कांधला के गांव जिडाना निवासी अरशद उर्फ हेडन पुत्र शब्बीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मालूम चला कि आरोपी अरशद ने गांव मन्ना माजरा (कैराना) निवासी सलमान पुत्र मुनव्वर और कांधला क्षेत्र के गांव ब्रह्मखेडा निवासी अंकित पुत्र साहब सिंह से साढ़े सात-सात लाख रुपये में पुलिस में भर्ती कराने का ठेका लिया था। इन दोनों से आरोपी अरशद ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये चेक से एडवांस भी लिए थे। पुलिस ने पेपर आउट कराने से पहले ही अरशद को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह का सरगना बडौत (बागपत) निवासी जुबेर है, जबकि अन्य लोग भी इस गिरोह से जुड़े हैं। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास चल रहा है। हालांकि आरोपी अरशद से गिरफ्तारी के दौरान नकदी या अन्य कोई सामग्री बरामद नहीं हुई है।
इस तरह हुआ गिरोह का खुलासा
शामली के गांव बलवा निवासी गौतम ने सोमवार को शामली कोतवाली में आरोपी अरशद उर्फ हेडन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें गौतम ने बताया था कि उसकी भाभी मंजू ने यूपी पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन किया था। अरशद उर्फ हेडन ने पूर्व में हुई मुलाकात के दौरान गौतम से कहा था कि पुलिस भर्ती कराने में उसकी पूरी सेटिंग है तथा तुम्हारी भाभी को भर्ती करा दूंगा। उसने पेपर भी आउट कराने का दावा अरशद ने किया था। इसके लिए अरशद ने आठ लाख रुपये की मांग की थी। 15 जून को गौतम ने शामली में एक दुकान पर अरशद को छह लाख रुपये एडवांस दे दिए, जबकि दो लाख रुपये बाद में देना तय हुआ था। सोमवार को जब गौतम की भाभी ने परीक्षा दी, तो उसमें कोई मदद नहीं मिली। इस पर गौतम ने आरोपी अरशद के खिलाफ शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने अरशद की गिरफ्तारी के लिए प्रयास प्रारंभ कर दिया था।
बोला आरोपी, मुझे फंसाया गया है
पुलिस भर्ती का ठेका लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए अरशद से जब मीडिया कर्मियों ने सवाल पूछे, तो उसने कहा कि उसको फंसाया जा रहा है। उसने किसी से ठगी नहीं की। अरशद ने यह भी कहा कि गांव की पार्टीबाजी के चलते गौतम ने उसके नाम की रिपोर्ट दर्ज करा दी, उसने कोई रुपये नहीं लिए। गांव में किससे पार्टीबाजी है यह अरशद बता नहीं पाया।
पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का सदस्य अरशद पकड़ा गया है। इसके गैंग का सरगना जुबेर बड़ौत का रहने वाला है, जो अभी फरार है। उसकी तथा उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है। - देवरंजन वर्मा, पुलिस अधीक्षक
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