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UP: वर्दी का सम्मान न मर्यादा खयाल, महिला सुरक्षा के जिम्मेदार ही महकमे को कर रहे दागदार

Sun, 28 Aug 2022 01:06 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 28 Aug 2022 01:06 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा जिन के जिम्मे है, वहीं महिलाओं से छेड़छाड़, दुर्व्यवहार और दुष्कर्म जैसे अपराध कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार मेरठ में 12 पुलिसकर्मियों पर दुष्कर्म, छेड़छाड़, बदसलूकी समेत कई गंभीर आरोप पाए गए हैं। हालांकि इनकी जांच की जा रही है।लेकिन सवाल है कि आखिर सुरक्षा की आस फिर महिलाएं किनसे रखें।

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UP Police has no respect for uniform, those who are responsible for women safety are making department down
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

महिलाओं की सुरक्षा के मामले में योगी सरकार बेहद गंभीर है। महिलाओं की मदद करने और सुरक्षा दिलाने के लिए महिला हेल्प लाइन, आशा ज्योति केंद्र सहित कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके बावजूद महिला अपराध बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि जिन पर महिला सुरक्षा का जिम्मा है, उन्हीं पर महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म, दुर्व्यवहार, मारपीट, ब्लैकमेलिंग सहित अन्य गंभीर आरोप लग रहे हैं।

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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक ही मेरठ में एक जून से 20 अगस्त तक ही ऐसे 12 पुलिसकर्मी सामने आए हैं, जिन पर इस प्रकार के आरोप लगे हैं। हालांकि इनकी जांच चल रही है। उनके खिलाफ पुलिस अधिकारियों से शिकायत हुईं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा थानों में अनुशासनहीनता की शिकायत भी लगातार मिल रही हैं। एडीजी, आईजी और एसएसपी समेत पुलिस अधिकारियों के ऑफिस में रोजाना महिलाएं शिकायत कर रही हैं।
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केस एक : खरखौदा थाने में सिपाही सौरभ सिंह के खिलाफ अलीगढ़ की छात्रा ने एक सप्ताह पूर्व एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र दिया। पीड़िता ने दुष्कर्म, ब्लैकमेल समेत कई गंभीर आरोप सिपाही पर लगाए। पीड़िता पर समझौते का दबाव बनाया गया। युवती को धमकी दी जा रही है। मामला अधिकारियों के संज्ञान तक पहुंचा, लेकिन कार्रवाई शून्य है।

केस दो : शहर के एक थाने में तैनात महिला कांस्टेबल ने रवि नाम के सिपाही पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर शिकायती पत्र दिया। इस मामले की शिकायत एसएसपी ऑफिस में पहुंची। सिपाही का हाल ही में दूसरे जिले में तबादला हो गया है। समझौता न करने पर महिला सिपाही को धमकी दी गई।

केस तीन : देहली गेट थाने के हेड कांस्टेबल के खिलाफ महिला कांस्टेबल ने शिकायत की। आरोप था कि हेड कांस्टेबल ड्यूटी चेकिंग के बहाने परेशान करता है। यह मामला भी एसएसपी तक पहुंचा, कार्रवाई शून्य रही। बाद में महिला कांस्टेबल को ही थाने से हटा दिया गया।

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केस चार :  किठौर थाने में तैनात सिपाही अर्जुन कुमार पर आरोप लगाकर एक युवती ने जान का खतरा जताया था। सीओ किठौर से जांच कराई। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

केस पांच : कोतवाली थाने में सिपाही शहजाद पर दुष्कर्म और धर्मांतरण करने का आरोप लगाया गया। पीड़िता ने आईजी ऑफिस में जाकर गुहार लगाई थी कि पुलिस आरोपी सिपाही को बचाने में लगी है।

महिलाओं के मामले में नहीं होगी लापरवाही
जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायती पत्र मिले हैं। उनके खिलाफ जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई भी निश्चित तौर पर होगी। महिला अपराध के मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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