यूपी: बकरीद पर कड़ी सुरक्षा, 31 सेक्टरों में बांटा गया शहर, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी फोर्स, शहरकाजी ने की ये अपील
बकरीद को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर को 14 जोन और 31 सेक्टरों में बांट दिया गया है। यहां पीएसी और आरएएफ भी तैनात रहेगी।
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ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। मेरठ जिले को 14 जोन और 31 सेक्टरों में बांटा गया है। पीएसी और आरएएफ भी तैनात रहेगी। शांति समितियों को भी सक्रिय किया गया है।
बकरीद के लिए सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। सोमवार को अधिकारी दिनभर तैयारी में जुटे रहे। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि ईद के मद्देनजर ड्यूटी लगा दी गई है। सीओ अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहकर हर स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। कोरोना के दृष्टिगत गाइडलाइन जारी की गई है, जिसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। थानों की फोर्स के अलावा पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया है। पीएसी की तीन कंपनियां भी संवेदनशील, अतिसंवेदनशील व मिश्रित आबादी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगी। आरएएफ की भी डिमांड की गई है।
प्रतिबंधित स्थानों पर नहीं होने देंगे कुर्बानी
एसपी सिटी ने कहा कि प्रतिबंधित जगहों पर कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। इबादत स्थलों पर नमाज की इजाजत नहीं है, इसको लेकर पुलिस विशेष तौर पर निगरानी रखेगी। व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर भी गणमान्य लोगों से पुलिस द्वारा सहयोग लिया गया है।
शांति समिति की बैठक में मांगा सहयोग
थाना सदर बाजार, कोतवाली, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर, सिविल लाइन व नौचंदी समेत अन्य थानों में दिनभर शांति समिति की बैठकों का दौर चला। पुलिस ने लोगों से कहा कि त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि में तत्काल पुलिस को सूचित किया जाए।
बकरीद पर मस्जिदों में 50 लोग ही अदा कर सकेंगे नमाज
ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह पर नहीं होगी। मस्जिदों में भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। एक साथ 50 अकीदतमंदों को ही नमाज अदा करने की अनुमति होगी।
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने सोमवार को बकरीद त्योहार को लेकर वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को बकरीद त्योहार को लेकर जिला प्रशासन की अनमूति न मिलने के कारण शाही ईदगाह व अन्य ईदगाहों पर नमाज नहीं होगी। मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन के साथ 50-50 लोगों को ही नमाज अदा करने की इजाजत होगी। उन्होंने जानवरों की कुर्बानी को लेकर सभी धर्मों की आस्था का ख्याल रखने की अपील की है।
वहीं, कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी नहीं की जाएगी। वहीं, मदरसा इमदादुल इस्लाम के प्रधानाचार्य मौलाना मशहूदूर रहमान जमाली ने लोगों से बकरीद पर अपने अंदर की बुराइयों को कुर्बान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खुदा से बीमारी के खात्मे की दुआ करें।