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पेट्रोल पंपों पर बड़ा खेल: घटतौली के खुलासे ने ऑटोमेशन प्रणाली पर खड़े किए सवाल, पढ़ें क्या बोले अधिकारी

Fri, 25 Jun 2021 05:59 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 25 Jun 2021 05:59 PM IST
सार

कई पेट्रोल पंपों पर हुए घटतौली के खुलासे ने ऑटोमेशन प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है।

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UP News: Investigation has start in case of diesel and petrol are being given less at petrol pumps in Meerut
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ शहर के तीन पेट्रोल पंप पर घटतौली का मामला सामने आने के बाद ऑटोमेशन प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह व्यवस्था पेट्रोल चोरी रोकने के लिए कारगर बताई गई थी। एकाएक कई मामले उजागर होने से विभागीय अफसर भी हैरान हैं। तीनों पंप संचालकों से जवाब मांगा गया है। संभावना जताई जा रही है कि पंप संचालकों के जवाब आने के बाद ऑयल कंपनी से भी ऑटोमेशन पर जवाब मांगा जा सकता है। 

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पेट्रोल पंप पर घटतौली व मिलावट रोकने के लिए कुछ साल पहले ऑटोमेशन प्रणाली को अपनाया गया था। सभी ऑयल कंपनियों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया। वर्तमान में जनपद में करीब 175 पंप संचालित हैं जो ऑटोमेशन प्रणाली पर काम करते हैं। इस प्रणाली के आने के बाद शिकायत काफी कम भी हुईं, लेकिन जिस तरह प्रशासन, आपूर्ति व बाट माप विभाग की छापामार कार्रवाई ने घटतौली पकड़ी, उसने प्रणाली के महत्व को लेकर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जांच हो तो कुछ और हों बेनकाब
केवल 19 पंप की जांच में तीन पंप पर घटतौली मिली है। कहने को पांच लीटर में 30 से 40 मिलीलीटर कम तेल मिला, लेकिन यदि पूरे दिन या फिर ऑटोमेशन प्रणाली से पंप के लेस होने के बाद से हिसाब लगाया जाए तो नुकसान बेहद बड़ा है। अन्य पंप की जांच कराएं तो इस आंकड़े के बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। 
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कंपनी की रहती है निगरानी
पंप के अंदर कार्यालय में लगी स्क्रीन पर कई विंडो खुली होती हैं। इसमें पेट्रोल पंप पर स्थित टैंक का डाटा भी रहता है। इससे पता चलता है कि किस टैंक में कितना पेट्रोल-डीजल शेष है। यही नहीं पेट्रोल पंप पर स्थित नॉजेल की संख्या भी स्क्रीन पर आती रहती है। न केवल मैनेजर बल्कि कंपनी स्तर से भी निगरानी रहती है। किस नाजेल से कितने पेट्रोल-डीजल की बिक्री हुई, इसकी निगरानी चलती रहती है। 


कार्रवाई तय होगी
तीनों पंप संचालकों से जवाब मांगा जा रहा है। जवाब आने के बाद कार्रवाई तय होगी। जहां तक ऑटोमेशन की बात है तो कंपनी समय-समय पर रिपोर्ट मंगाती है। उनसे भी इस पर जवाब लिया जाएगा। - विक्रम सिंह, वरिष्ठ बाट माप निरीक्षक

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