यूपी: 25 लाख की नकली शर्ट पकड़ी, विदेशी कंपनियों के लेबल लगाकर चल रहा था बड़ा खेल
बिजनौर के नहटौर में पुलिस ने विदेशी कंपनियों की रेडीमेड शर्ट के नकली लेबल व टैग लगाकर बनाई करीब 25 लाख रुपये की कमीजें बरामद की हैं। पुलिस ने बनी व अधवनी शर्ट के अलावा दो सिलाई मशीनें कब्जे में ली और तीन लोगों को भी हिरासत में लिया है।
नोएडा के सेक्टर-135 में स्थित रेडीमेड शर्ट कंपनी के प्रतिनिधि मोहित बजाज व नीरज कुमार दहिया ने नहटौर पुलिस को उनकी कंपनी के नकली लेबल और टैग लगाकर कमीजें बनाने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को साथ लेकर मोहल्ला सराय रजब अली में शर्ट बनाने वाले एक कारखाने में छापा मारा।
मोहित बजाज के मुताबिक शर्ट बनाने वाली चार विदेशी कंपनी के नकली लेबल और टैग लगाकर घटिया कपड़े की कमीजें बनाई जा रही थी, जिन्हें बाजार में सप्लाई किया जाता था। कंपनी की जिस शर्ट की कीमत करीब तीन हजार रुपये है, उसे कारखाने में बनाकर सस्ते दामों में बेचा जा रहा था। नहटौर से शर्ट बनाकर दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान के शहरों व लखनऊ कानपुर आदि में खपत की जा रही थी।
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इससे कंपनी की छवि धूमिल करने के साथ-साथ आर्थिक क्षति भी पहुंचाई जा रही थी। कंपनी के अधिकारी कुछ दिन पूर्व कुछ शर्ट कारखाने से खरीद कर ले गए थे। इसके बाद कारखाने में पुलिस को साथ लेकर छापा मारा गया। सुपर ड्राई कंपनी की 600 बनी हुई व 439 अधबनी और 214 टैग, केल्विन क्लेन की 552 बनी हुई शर्ट 460 टैग व 1000 लेबल, लिवाइस की बनी हुई 50 शर्ट, यूएसपीए की 265 शर्ट के अलावा दो सिलाई मशीनें भी जब्त की गई।
कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि मौके से पकड़े गए सरफराज अहमद और उसके दो पुत्र शोएब व शाद के खिलाफ कॉपीराइट कानून और 420 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
चारों विदेशी कंपनी की जो नकली शर्ट बनाई जा रही थी, उसकी वास्तविक कीमत करीब तीन हजार रुपये है। बताया जा रहा है कि कारखाने में वह शर्ट मात्र 200 रुपये में बनाई जा रही थी। नकली शर्ट पर हूबहू लेवल व टैग लगाया जा रहा था।
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