फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP News: 543 children in Muzaffarnagar lost their food, the responsible people are passing the ball

UP News: मुजफ्फरनगर में 543 बच्चों से छिन गया निवाला, एक दूसरे की ओर गेंद सरका रहे जिम्मेदार, ये है मामला

Tue, 29 Oct 2024 01:01 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Tue, 29 Oct 2024 01:01 AM IST
सार

कंपोजिट स्कूल वहलना में कोई भी टीचर मिड डे मील की इंचार्ज बनने को तैयार नहीं है। एक टीचर तो जिम्मेदारी देने पर कोर्ट चली गई। एक ने बीमारी का बहाना बना दिया। 

विज्ञापन
UP News: 543 children in Muzaffarnagar lost their food, the responsible people are passing the ball
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : X @PIB_India

विस्तार

कंपोजिट स्कूल वहलना में सात माह से 543 बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल सका। वजह सिर्फ इतनी कि स्कूल की शिक्षिकाओं में से कोई इंचार्ज प्रधानाध्यापक बनने के लिए तैयार नहीं है। एक शिक्षिका को चार्ज देने का मामला अदालत चला गया।
विज्ञापन

पालिका के विस्तारीकरण के बाद वहलना का ग्राम पंचायत का दर्जा खत्म कर शहरी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय को कंपोजिट स्कूल में बदला गया। स्कूल में कक्षा पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए नौ और जूनियर कक्षाओं को पढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति की है। अप्रैल माह से अब तक स्कूल में मिड डे मील नहीं बना। मामला लखनऊ तक पहुंच गया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। स्कूल की जिम्मेदारी के प्रकरण में बच्चों का निवाला उलझ गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह मिलता है मिड डे मील का बजट
स्कूल इंचार्ज और सभासद के संयुक्त खाते में मिड डे मील का बजट आता है। लेकिन दोनों का ही खाता लिंक नहीं होने के कारण पिछले सात माह से बच्चों को बिना भोजन के ही स्कूल से लौटना पड़ रहा है।
 
विज्ञापन

तीन शिक्षिकाओं को चार्ज देने का प्रयास
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तीन शिक्षिकाओं को चार्ज देने का प्रयास किया गया। पहली शिक्षिका इंकार करते हुए अदालत चली गई। दूसरी शिक्षिका ने गंभीर बीमारी की जानकारी विभाग को दी। तीसरी शिक्षिका का कहना है कि स्कूल में दो सीनियर शिक्षिकाओं के रहते वह चार्ज नहीं ले सकती। ऐसे में यहां इंचार्ज शिक्षिका नहीं बनने के कारण मिड डे मील नहीं बन रहा है।
 

एनजीओ पर सहमत नहीं सभासद
बीएसए संदीप कुमार का कहना है कि इंचार्ज बनने के लिए कोई शिक्षिका तैयार नहीं है। एनजीओ पर सभासद असहमत हैं। यही वजह है कि स्कूल में मिड डे मील नहीं बन रहा है। जल्द ही कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा।

बीएसए से की मुलाकात
सभासद विनीत कुमार कहते हैं कि बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की है। वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है। जल्द से जल्द व्यवस्था शुरू कराने की मांग रखी है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed