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UP: 3.10 करोड़ की ठगी करने वाले को बंगलूरू से उठा लाई मेरठ पुलिस... रिटायर्ड प्रोफेसर को बनाया था शिकार
Thu, 09 Jan 2025 01:29 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 09 Jan 2025 01:29 AM IST
सार
साइबर ठगों ने शेयर में मोटा मुनाफा कमाकर देने का झांसा देकर रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी से अपने खातों में रकम डलवा ली थी। एक बदमाश पकड़ा है, मगर अभी रकम बरामद नहीं कराई गई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर क्राइम थाने की टीम ने रिटायर्ड प्रोफेसर एके अग्रवाल से तीन करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले प्रशांत केसी को बंगलूरू से गिरफ्तार किया है। हालांकि अभी ठगी की रकम बरामद नहीं हो पाई है।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि 23 अक्तूबर को थाना साइबर क्राइम में एफ-6 गंगानगर निवासी एके अग्रवाल ने मामला दर्ज कराया था। बताया था कि 26 सितंबर 2024 को उनके पास अज्ञात व्हाट्सएप मोबाइल नंबरों से कॉल आई थी। एक व्यक्ति ने शेयर मार्केट ऐप में अधिक पैसे कमाने का लालच देकर एवं शेयर की सदस्यता के नाम पर अलग-अलग तारीख को उनके खाते से 1.73 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी के खाते से 1.37 करोड़ रुपये, कुल 3.10 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।
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एसएसपी ने बताया कि जांच के उपरांत पुलिस टीम कर्नाटक गई थी। वहां से एक आरोपी बंगलूरू निवासी प्रशांत केसी को गिरफ्तार किया। जानकारी करने पर पता चला कि ठगी करने के लिए खुलवाए गए बैंक अकाउंट में आरोपी ने 22 लोगों से साइबर ठगी की है। पूछताछ में उसने बताया कि एक कंपनी में वह फील्ड ऑफिसर का काम करता था। वहां पर एक युवक हनुमान गौड़ा भी काम करता था, जिसकी नौकरी चली गई थी।
हनुमान गौड़ा ने प्रशांत से नौकरी के लिए कहा था। प्रशांत ने युवक के नाम का एक सिम लेकर फर्जी तरीके से एक एंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी खाता खुलवा दिया। खाते से संबंधित कागजात व खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को प्रकाश नाम के व्यक्ति को दे दिया, जो बंगलूरू का ही रहने वाला है। एसएसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।