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यूपी: फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, 16 कॉलेजों में थी सेटिंग

Fri, 20 Jul 2018 11:32 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 20 Jul 2018 11:32 AM IST
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UP: disclosures of fake degree making gang, 5 arrested, Networks spread across five states
पांच आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह ने सनसनीखेज खुलासा किया हैं। यह गिरोह छह राज्यों की 16 कॉलेज और यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट बनाते थे। हाईस्कूल, इंटर और स्नातक की फर्जी मार्कशीट बना रहे थे। यूपी व सीबीएसई बोर्ड का गजट और सारा रिकॉर्ड उनके पास मिला। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की तलाश में दबिश जारी हैं। 

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एसएसपी राजेश कुमार पांडेय और एसपी सिटी रणविजय सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर पांचों आरोपी  मीडिया के सामने पेश किए। एसएसपी ने बताया कि बुधवार रात कंकरखेड़ा पुलिस को सूचना मिली कि फर्जी मार्कशीट तैयार कर गाजियाबाद से एक गिरोह मेरठ में छात्रों को देने आ रहा है। जिस पर इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा, अजय शर्मा, देवेंद्र शर्मा ने एनएच-58 स्थित शोभापुर फ्लाईओवर पर चेकिंग शुरू की। एसयूवी में आरोपी सवार थे। पुलिस ने गाड़ी की घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से छह राज्यों की 16 कॉलेजों और यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट बरामद की। 
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कविनगर का रूप सिंह सरगना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि कविनगर, गाजियाबाद निवासी रूप सिंह गिरोह का सरगना है। जो गाजियाबाद के संजय नगर में एक साइबर कैफे में फर्जी मार्कशीट बनाता है। पुलिस ने उसकी तलाश में गाजियाबाद दबिश दी। लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। दावा है कि आरोपियों का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के अलावा कई राज्यों में फैला है।

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ये पकड़े आरोपी 

UP: disclosures of fake degree making gang, 5 arrested, Networks spread across five states
यूपी पुलिस

एसपी सिटी ने बताया है कि आरोपी उमाशंकर पुत्र धर्मपाल सिंह निवासी नारायणदास गार्डन, कंकरखेड़ा, सलमान पुत्र सईद निवासी खडौली कंकरखेड़ा, अजय पुत्र हरिराम निवासी इंद्रानगर ब्रह्मपुरी, अनिल कुमार पुत्र नानकचंद और राजेश पुत्र राकेश निवासी कविनगर गाजियाबाद को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से 173 फर्जी मार्कशीट, दो गजट हाईस्कूल-इंटर यूपी बोर्ड जिला सहारनपुर, एक यूनिवर्सिटी की चार उत्तर पुस्तिकाएं और प्रोस्पैक्ट्स, एक लैपटॉप, एक गजट प्रति इंटर मैनपुरी और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। 

इन कॉलेज-यूनिवर्सिटी की मिली मार्कशीट
एसएसपी ने प्रेसवार्ता में बताया कि झारखंड स्टेट ऑफ स्कूल, सेंट्रल बोर्ड ऑफ एजुकेशन, माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर, महात्मा गांधी प्रौद्योगिक एवं प्रबंध संस्थान स्वशासी, आईएफएमटी यूनिवर्सिटी मुरादाबाद, चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय मेरठ, सनराइज विश्वविद्यालय अलवर राजस्थान, मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन हिमाचल प्रदेश, श्री गुरू गोविंद सिंह ट्री सेंट ट्री यूनिवर्सिटी पंजाब, शोभित यूनिवर्सिटी मेरठ, स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी मेरठ, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल एमपी, उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद, राजकीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान और ओपन विश्वविद्यालय दिल्ली की मार्कशीट मिली है। 

विवि में छात्रनेता था उमाशंकर 
पुलिस का दावा, आरोपी उमाशंकर चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय में छात्रनेता था। एनएसयूआई में सचिव भी रहा है। फिलहाल वह कांग्रेस का कार्यकर्ता बताता है। उमाशंकर ने पीएचडी की हुई है। गैंग के सरगना रूप सिंह से उसकी दोस्ती हो गई। पुलिस ने बताया कि उमाशंकर ही छात्रों से संपर्क करता था। उसने ही इंटर में पढ़ रहे सलमान को जोड़ा। अजय, अनिल की फर्जी मार्कशीट बनवाकर दी और फिर अपने गिरोह में शामिल कर लिया। जिससे फर्जी मार्कशीट 20-30 हजार रुपये में बेचते थे।

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