यूपी: कंटेनर या लापरवाह सिस्टम ने लीं जानें, फुटबाल चौक पर पहले भी हो चुके हैं भीषण हादसे
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बुधवार को मेरठ के दिल्ली रोड स्थित फुटबॉल चौक पर बुधवार रात को हुआ बड़ा हादसा पहली घटना नहीं है। एक साल पहले भी रोडवेज बस ने तीन लोगों को कुचल दिया था, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। लेकिन यहां कभी भी सरकारी सिस्टम ने हादसों को रोकने के लिए कभी आंखें नहीं खोलीं। तेज रफ्तार वाहन गोल चक्कर से टकराते हैं, जिसके बाद पल भर में ही लोगों की जान चली जाती है।
फुटबॉल चौक पर नहीं है कोई साइन बोर्ड
दिल्ली रोड पर बागपत अड्डा स्थित फुटबॉल चौक का रखरखाव किया गया था। जिसके बाद डिवाइडर से सटाकर बीच सड़क पर गोल चक्कर बना दिया गया। लेकिन यहां संकेत के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। जनवरी 2016 में कोहरे में इस गोल चक्कर से टकराकर शास्त्रीनगर निवासी दो युवकों की मौत हो गई थी।
उसके बाद चौराहे की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। लेकिन पूरे सरकारी सिस्टम ने हादसे के बाद पल्ला झाड़ लिया। डेढ़ साल पहले भी दिल्ली से भैसाली अड्डे पर आ रही रोडवेज बस भी गोल चक्कर से टकरा गई। जिसमें बाइक सवार एक युवक की मौत हुई थी। जबकि पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।
चौराहे का हवाई प्लान
छह माह पहले मंडलायुक्त की बैठक में शहर में पांच चौराहों को लेकर बैठक हुई थी। जिनमें फुटबाल चौक को लेकर भी प्लान तैयार किया गया था। यहां छोटा सा ट्रैफिक बूथ है। इस तिराहे पर दिल्ली रोड से बागपत मार्ग और बागपत मार्ग से दिल्ली रोड की तरफ टर्न लेने वाले ट्रैफिक के आपस में टकराने की स्थिति उत्पन्न होती है। यहां जाम की स्थिति रहती है।
यह थे सुझाव :-
लोगों ने जब हादसे का ये खौफनाक मंजर देखा तो हर कोई सरकारी व्यवस्था पर अंगुली उठा रहा था। जानें क्या मिले सुझाव
- चीफ इंजीनियर नगर निगम द्वारा कहा गया कि दिल्ली रोड पर फ्लाईओवर का निर्माण कर व यू-टर्न के माध्यम से संचालित वर्तमान व्यवस्था को विकसित किया जाए।
- यहां ट्रैफिक सिग्नल का विकास हो
- जेबरा क्रॉसिंग बनाई जाए
- तिराहे पर मार्ग चौड़ा हो
- ऑटो, टेंपो व अन्य वाहनों को तिराहे से 50 मीटर की दूरी पर रोका जाए
- पूर्व में बना फुटपाथ हटाया जाए, टर्निंग पर आ रहे पोल शिफ्ट हों