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बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति पर सख्ती करेगा यूपी बोर्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीबीएसई की तर्ज पर यूपी बोर्ड भी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने पर सख्ती करेगा। यूपी बोर्ड द्वारा कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराने की अनिवार्यता को इससे जोड़कर देखा जा रहा है। माध्यमिक शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर सख्ती से पहले स्कूलों में संसाधन बढ़ाने की मांग उठाई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इसके बावजूद इस मामले में अब तक ढिलाई बरती जा रही थी। अब यूपी बोर्ड ने नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ही एक जुलाई 2025 से राजकीय, एडेड व वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने मेरठ जिले में 12 अगस्त को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले स्कूलों की सूची डीआईओएस को भेजी थी। हालांकि 415 में से केवल 128 ने ही ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ राजेश कुमार ने सभी स्कूलों को हर हालत में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता का माध्यमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया है।
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माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी खंदरावली व जिला मंत्री पंकज शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए विद्यालयों में संसाधन नहीं हैं। अगर शिक्षक इस काम में लगते हैं तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। सरकार को ऑनलाइन उपस्थिति के लिए संसाधन उपलब्ध कराने चाहिएं। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। संसाधन उपलब्ध होने पर ही उपस्थिति का नियम सख्ती से लागू हो पाएगा। शिक्षकों पर विश्वास कायम रखकर ही काम किया जा सकता है। इसी तरह से माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिला मंत्री डॉ. राजेश शर्मा ने भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश से पहले स्कूलों में संसाधन पूरे कराने की मांग उठाई है।
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मेरठ। सीबीएसई की तर्ज पर यूपी बोर्ड भी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने पर सख्ती करेगा। यूपी बोर्ड द्वारा कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराने की अनिवार्यता को इससे जोड़कर देखा जा रहा है। माध्यमिक शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर सख्ती से पहले स्कूलों में संसाधन बढ़ाने की मांग उठाई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इसके बावजूद इस मामले में अब तक ढिलाई बरती जा रही थी। अब यूपी बोर्ड ने नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ही एक जुलाई 2025 से राजकीय, एडेड व वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने मेरठ जिले में 12 अगस्त को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले स्कूलों की सूची डीआईओएस को भेजी थी। हालांकि 415 में से केवल 128 ने ही ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ राजेश कुमार ने सभी स्कूलों को हर हालत में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता का माध्यमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया है।
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माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी खंदरावली व जिला मंत्री पंकज शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए विद्यालयों में संसाधन नहीं हैं। अगर शिक्षक इस काम में लगते हैं तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। सरकार को ऑनलाइन उपस्थिति के लिए संसाधन उपलब्ध कराने चाहिएं। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। संसाधन उपलब्ध होने पर ही उपस्थिति का नियम सख्ती से लागू हो पाएगा। शिक्षकों पर विश्वास कायम रखकर ही काम किया जा सकता है। इसी तरह से माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिला मंत्री डॉ. राजेश शर्मा ने भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश से पहले स्कूलों में संसाधन पूरे कराने की मांग उठाई है।