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UP: मेरठ के आरोपी, मुजफ्फरनगर में गोदाम, पानीपत में प्रेस लगाकर छाप दीं करोड़ों की नकली किताबें

Tue, 03 Jun 2025 12:52 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Tue, 03 Jun 2025 12:52 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर के भैंसी में चार माह से विनोद के घर को गोदाम बनाया गया था। पानीपत में प्रेस लगाकर करोड़ों की नकली किताबें छापी जा रही थीं।

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UP: Accused from Meerut, set up warehouse in Muzaffarnagar, press in Panipat, printed fake books worth crors
नकली किताबें छापने के आरोपी गिरफ्तार - फोटो : संवाद

विस्तार

मेरठ के आरोपियों ने मुजफ्फरनगर के भैंसी गांव में गोदाम बनाया और पानीपत में प्रेस लगाकर पांच राज्यों यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार के बाजार में एनसीईआरटी की नकली किताबें बेचीं। खतौली पुलिस और एसओजी टीम ने गिरोह के मेरठ निवासी आठ सदस्यों को चीतल के पास से गिरफ्तार कर सोमवार को खुलासा किया है।

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पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये की एक लाख 33 हजार 92 नकली किताबें, हरियाणा में लगी दो प्रिटिंग मशीन, सवा करोड़ का कच्चा माल और दो लग्जरी कार और एक कैंटर बरामद किया है। गिरोह में शमिल मेरठ के अन्य आरोपी भी तलाश किए जा रहे हैं।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि भैंसी में चार माह से विनोद के घर को गोदाम बनाया गया था। वहां से मेरठ के रहने वाले आठ आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की गई। बड़ी संख्या में नकली किताबें व अन्य सामान बरामद किया गया। 
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हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में प्रिटिंग मशीन लगाईं थीं, किताबों को यहां रखा था। आरोपी असली किताबोें से मैटर चोरी कर नकली किताबें छापकर विभिन्न राज्यों में बेचते थे।
बरामद किताबें कक्षा-नौ से 12 तक की हैं। समालखा में दो प्रिंटिंग मशीन सील की गई। किताबें छापने में इस्तेमाल होने वाला सवा करोड़ कीमत के सामान के साथ ही किताबों को बेचने के लिए ले जाने में प्रयुक्त 25 लाख रुपये की तीन लग्जरी गाड़ी भी बरामद की हैं।

एक गिरोह पहले मेरठ में पकड़ा गया था, जिसमें आदिल भी शामिल था। वह अब यहां पकड़ा गया। गोदाम मालिक की भूमिका का पता किया जा रहा है। आदिल किताबों का बड़ा सप्लायर है। यह गिरोह तीन साल से काम कर रहा है। कुछ और नाम प्रकाश में आए हैं, क्योंकि इन लोगों ने एनसीईआरटी की किताबों की पाठ्य सामग्री चुराई है, इसके चलते खतौली कोतवाली में कॉपीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है। 

एसएसपी ने बताया कि उन्होंने 25 हजार व एडीजी मेरठ ने एक लाख रुपये का नकद इनाम पुलिस टीम को दिया है। इस दौरान एसपी सिटी सत्य नारायण भी मौजूद रहे।

UP: Accused from Meerut, set up warehouse in Muzaffarnagar, press in Panipat, printed fake books worth crors
नकली किताबें छापने के आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
पांच लाख नकली किताबें जब्त, 29 एफआईआर दर्ज
एनसीईआरटी ने पिछले 14 महीनों में 20 करोड़ रुपये से अधिक की पांच लाख नकली पाठ्यपुस्तकें, भारी मात्रा में छपाई कागज और मशीनें जब्त की हैं। एनसीईआरटी ने सोमवार को कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस की मदद से नकली पाठ्यपुस्तकों के गोदाम मालिकों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ रिकॉर्ड 29 एफआईआर दर्ज की गईं। नकली पाठ्यपुस्तकों पर काबू के लिए एंटी-पायरेसी समाधान क्यूआर कोड को पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जा रहा है। 

इनकी हुई गिरफ्तारी
-आदिल मेवाती, निवासी भोपाल सिंह की कोठी के पास श्यामनगर, थाना लिसाड़ी गेट।
-अनिल चौहान, निवासी सी 17 सुंदर नगर डिफेंस एंकलेव, थाना कंकरखेडा मेरठ।
-राहुल राणा, निवासी 548 सेक्टर 4 माधवपुरम, थाना ब्रह्मपुरी मेरठ।
-राजू शर्मा, निवासी 279/19 मोहकमपुर दिल्ली रोड, थाना परतापुर।
-ताराचन्द, निवासी 179/19 मोहकमपुर दिल्ली रोड, थाना परतापुर मेरठ।
-सतेंद्र सिंघल, निवासी 65/7 नौचंदी ग्राउंड, थाना नौचंदी मेरठ।
-जावेद, निवासी गोला कुआं थाना कोतवाली नगर, मेरठ।
-अमित सैनी, निवासी 1425 इंद्रानगर फर्ट मोहल्ला, थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ।

बांटे गए थे काम, इस तरह चल रहा था धंधा
गिरफ्तार राजू शर्मा, ताराचंद, सतेंद्र, जावेद छपाई के लिए कच्चे माल की व्यवस्था करते हैं। आदिल मेवाती, अनिल चौहान, राहुल राणा विभिन्न राज्यों में किताबों की सप्लाई करते हैं। मुजफ्फरनगर, शामली, उत्तराखंड में 60 हजार से ज्यादा किताबें बेच चुके हैं। लाभ को आपस में बांट लेते हैं।  गिरोह हर छह माह बाद गोदाम का स्थान बदल देता है ताकि किसी को उन पर शक न हो। यहां अभी चार माह ही  हुए थे।

इंक से फेफड़े हो जाते हैं प्रभावित
एसएसपी ने बताया कि किताबें छापने में जो इंक प्रयोग की जाती है। वह खतरनाक है। दिल्ली की एनसीईआरटी टीम ने किताबों की जांच पड़ताल की थी। उन्होंने बताया था कि बच्चे यदि बार-बार किताब के पेज पर अंगुली लगा कर उसे मुंह से लगाएं तो उनके फेफड़ों पर प्रभाव पड़ सकता है।

किताबों में दिखाई नहीं देता होलमार्क
यह गिरोह जो किताबें छापता है, उसमें पेज के बीच बना सरकारी होलमार्क दिखाई नहीं देता। असली किताबों में होलमार्क दिखाई देता है। यह सब वाटर मार्क के कारण होता है।

यह हुई बरामदगी
दो गाड़ी, एक डीसीएम, डेढ़ करोड़ की किताबें, 23 डाई, 10 हजार कवर, एक बड़ा पेपर रोल, 20 लीटर स्याही, नौ सीसी रिमुवर, 170 पेपर रोल, दो प्रिंटिंग मशीन, एक कटर मशीन, 2500 प्रिंटिंग प्लेट, पांच लाख प्रफेक्ट बाइन्डिग।

एनसीईआरटी की नकली किताबों को छापने का केंद्र रहा है मेरठ
एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने का मेरठ केंद्र रहा है। यहां कई बार नकली किताबों का जखीरा पकड़ा गया है। मुजफ्फरनगर में पकड़े गए आदिल ने मेरठ में यह धंधा किया था। 

अगस्त 2022 में पकड़े जाने के बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया। सचिन गुप्ता भी नकली किताबें छापने के मामले में कई बार जेल जा चुका है। ब्रह्मपुरी पुलिस ने अगस्त सूर्या पुरम शास्त्री काॅलोनी निवासी अभिलाश के यहां से नकली किताबें बरामद की थीं। इसके बाद रहीसुद्दीन निवासी गली नंबर सात श्याम नगर लिसाड़ी गेट, आबिल उर्फ आदिल निवासी गांव शाहपुर गढ़मुक्तेश्वर हापुड़ हाल पता भोपाल की कोठी अनार वाली मस्जिद के पास लिसाड़ी गेट और सत्येंद्र कुमार निवासी देवलोक टीपीनगर को पकड़ा था। सभी का काम बंटा हुआ था। 

सत्येंद्र की घर में ही प्रिंटिंग प्रेस थी, जहां पर छपाई होती थी। अभिलाष के यहां पर किताबें बाइंडिंग की जाती थी। ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी रहीसुद्दीन की थी, उस पर पिकअप गाड़ी थी। आदिल दिल्ली के चांदनी चौक और अन्य बाजारों में सप्लाई करता था।

एसटीएफ ने पकड़ी थी 35 करोड़ की नकली किताबें 
यूपी एसटीएफ और मेरठ पुलिस की संयुक्त टीम ने अगस्त 2020 शुक्रवार को परतापुर इलाके में अछरौता-काशीपुर रोड पर एक गोदाम पर छापा मारा था। गोदाम से एनसीईआरटी करीब 10 लाख नकली किताबें बरामद हुई थीं। वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया था कि किताबें मोहकमपुर एन्क्लेव में छपी थीं।

जब एसटीएफ और पुलिस मोहकमपुर एनक्लेव पहुंची तो आरोपी किताबों और प्रिंटिंग प्रेस को आग लगाने की कोशिश कर भाग चुके थे। प्रिंटिंग प्रेस को सील कर 12 लोगों को पकड़ा गया था। इस धंधे का मास्टरमाइंड सचिन गुप्ता भाजपा के जिला उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता था। अमरोहा से भी सचिन गुप्ता के गोदाम  से नकली किताबें पकड़ी गई थीं। 

बरेली पुलिस ने भी की थी कार्रवाई 
24 मार्च 2023 को बरेली की भोजीपुरा पुलिस ने नकली किताबें पकड़ी थीं। तब 16000 से अधिक किताबें मिली थीं। बाद में पुलिस ने इस मामले में मैनेजर रोहटा बनवारीपुर मेरठ निवासी नफीस अहमद को गिरफ्तार किया था। नफीस ने सभी माफिया के नाम बताए थे। इनमें अवनीश मित्तल, सोनू गुप्ता, पीयूष बंसल, भाजपा नेता संजीव गुप्ता के भतीजे सचिन गुप्ता और राहुल के नाम मुकदमे में बढ़ाए गए थे। बाद में सचिन गुप्ता को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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