Ukraine war effect: यूक्रेन से MBBS कर रहे पश्चिमी यूपी के 331 छात्र-छात्राओं के सामने अब इंटर्नशिप का संकट
उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के जिलों के 331 छात्र-छात्राएं यूक्रेन से पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन रूस युद्ध के बाद से स्वदेश लौटे इन छात्रों के सामने आब ईंटर्नशिप का संकट खड़ा हो गया है।
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विस्तार
जिला छात्र-छात्राएं
मेरठ 96
बिजनौर 92
सहारनपुर 87
मुजफ्फरनगर 25
बागपत 16
शामली 15
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ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन पढ़ाई चाहिए
सभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही थी, अभी छुट्टी है, लेकिन परिजन और छात्र संतुष्ट नहीं हैं। सरकार से लगातार इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर क्रमिक अनशन भी चल रहा है। शामली की मानवी प्रथम वर्ष और अंश चतुर्थ वर्ष का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई का ज्यादा फायदा नहीं दिख रहा है। यही कहना है बागपत के तृतीय वर्ष के छात्र विश्वजीत का।
यहीं करनी होगी इंटर्नशिप
सहारनपुर के शोभित सैनी ने बताया कि उसका लास्ट सेमेस्टर है, 15 जुलाई तक रिजल्ट आ जाएगा। यूक्रेन में इंटर्नशिप करने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि उन्हें प्रैक्टिस भारत में ही करनी है। मेरठ के शारिक का भी यही कहना है, उनका भी आखिरी सेमेस्टर है।
मुजफ्फरनगर के अजीम ने बताया कि वहां एमडी की डिग्री का कोर्स छह वर्ष का होता है, जो भारत की एमबीबीएस के बराबर माना जाता है। पढ़ाई कैसे पूरी होगी, इसे लेकर चिंतित हैं और सरकार के निर्णय पर निगाहें टिकी हैं।