तनाव के बीच राहत : यूक्रेन सरकार ने जारी की एडवाइजरी, ऐसे की जा रही भारतीय छात्रों को स्वदेश भेजने की व्यवस्था
यूक्रेन में पर हमला शुरू होते ही वहां मेडिकल कोर्स कर रहे विद्यार्थी बुरी तरह सहमे हुए हैं। विद्यार्थियों के अभिभावक वीडियो कॉल के माध्यम से विद्यार्थियों की हिम्मत बंधा रहे हैं। हालांकि यूक्रेन सरकार ने भारतीय छात्र छात्राओं को वापस देश भेजने को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन में मेडिकल कोर्स कर रहे भारत के विद्यार्थियों और अभिभावकों में रूस के हमले से तनाव है। अभिभावक लगातार विद्यार्थियों और मेडिकल कोर्स को भेजने वाली कंपनियों से बच्चों को सुरक्षित भारत लाने पर बातचीत कर रहे हैं। इसी बीच यूक्रेन की सरकार ने एडवाइजरी जारी की है कि सभी भारतीयों को सिर्फ उनके सुरक्षित ठिकानों और बंकरों में भेजा जाए। इसके बाद में पोलैंड के जरिए उन्हें सकुशल भारत भेजने की व्यवस्था की जा रही है। आज सुबह बिजनौर निवासी जब्बार ने यूक्रेन से अपने परिजनों को यह जानकारी दी है।
यूक्रेन में बिजनौर जिले के 50 से अधिक युवक-युवितयां फंसे हुए हैं, जोकि यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए गए थे। अब वहां के हालात खराब होने से यूक्रेन में ही फंस गए हैं। सिर्फ एक छात्र ही घर लौट पाया है, बाकी के परिवार वाले परेशान हो रहे हैं। सही सलामत अपने वतन लौट आने के लिए परिवार वाले और रिश्तेदार दुआ करने में लगे हुए हैं।
यह भी पढ़ें: रूस-यूक्रेन में जंग: धमाकों के बीच फंसी कई भारतीयों की जान, आपबीती सुन चिंता में परिजन, पढ़ें मुसीबत में फंसे छात्रों की कहानी
मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी इजहार त्यागी पुत्र इदरीश त्यागी भी यूक्रेन में पढ़ाई के लिए गया था। जिसके चलते अब वह मेडिकल यूनिवर्सिटी के पास अपनी बिल्डिंग में कैद है। उसके अनुसार हालात बहुत खराब हैं पल-पल डर सता रहा है। वहीं उसके साथ अन्य साथी भी बिल्डिंग में हैं और लगातार भारत सरकार पर मदद की गुहार लगा रहे हैं।
दूसरी तरफ उसके परिजन भी काफी परेशान हैं। फिलहाल वह कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के पास बिल्डिंग में है। वहीं चारों तरफ एयर स्ट्राइक और धमाके हो रहे हैं। इजहार ने अप्रेल2021 में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था।
मुजफ्फरनगर निवासी खुशी बालियान ने यूक्रेन से एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि कि हम किसी भी तरह से यहां से बाहर नहीं जा सकते हैं। भारतीय दूतावास हमे काफी सहयोग कर रहा है। हम बेहतरी और सकुश वापस लौटेने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी दोस्तों से कहना चाहूंगी कि किसी भी तरह से परेशान न हों, पीएम नरेंद्र मोदी और भारत सरकार रूस के साथ बातचीत कर रही है। हम सभी यहां से साथ ही स्वदेश लौटेंगे।
बता दें कि यूक्रेन में पर हमला शुरू होते ही वहां मेडिकल कोर्स कर रहे विद्यार्थी बुरी तरह सहमे हुए हैं। विद्यार्थियों के अभिभावक वीडियो कॉल के माध्यम से विद्यार्थियों की हिम्मत बंधा रहे हैं। मोहल्ला हवेलीतला निवासी बेसिक शिक्षा विभाग के एआरपी मोबीन हसन और उनकी शिक्षक पत्नी शहनाज परवीन यूक्रेन में रूसी हमलों की शुरूआत होते ही भारी तनाव में हैं।