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एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के लिए भूड़बराल रजबहे से यू-टर्न, साइन बोर्ड लगा
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एक्सप्रेसवे पर संकेतक लगाए, भूड़बराल रजबहे से लेना होगा यू-टर्न
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण मेरठ से डासना की शुरुआत कभी भी हो सकती है। अछरौड़ा में टोल प्लाजा का कार्य अंतिम चरण में है। इस बीच परतापुर तिराहा से यात्रियों की सुविधा के लिए एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे पर साइनेज भी लगाने शुरू कर गए हैं।
शनिवार को लगाए गए पहले साइनेज को वन ए का नाम दिया गया है। इसमें दिल्ली और मोदीनगर की ओर जाने वाले संकेतक दिखाए गए हैं। परतापुर फ़्लाईओवर पर एक और साइनेज दिल्ली से आने वाले वाहनों के लिए भी लगाया गया है। इस पर देहरादून और मेरठ शहर में जाने का रास्ता बताया गया है। एनएचएआई साइनेज लगाकर बता रहा है कि रात के समय परतापुर इंटरचेंज से आने वाले वाहन आसानी से देहरादून और मेरठ की तरफ जा सकें। परतापुर इंटरचेंज पर तीन अंडरपास सहित तीन रैंप बनाए गए हैं। इसी कारण वाहनों को रास्ता खोजने में दिक्कतें हो रही हैं।
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देहरादून से सीधे और मेरठ से यू-टर्न
परतापुर इंटरचेंज के बन जाने के बाद कई खामियां भी अब नजर आ रही हैं। अगर आप देहरादून की तरफ से आ रहे हैं तो आप सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाएंगे। वहीं, अगर आप मेरठ शहर की तरफ से आ रहे हैं तो आपको भूड़बराल रजबहे से यू-टर्न लेना होगा। ये यू-टर्न ही वाहनों के लिए जाम का कारण बनेगा। अभी इंटरचेंज पर ही रैपिड रेल का कार्य चल रहा है। इस कारण ट्रैफिक को मोड़ने पर काफी दिक्कत होगी। जानकारों का कहना है कि अगर एनएचएआई ने मेरठ शहर से सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बिना किसी यू-टर्न के लिए रास्ता दिया होता तो ज्यादा सुविधाजनक रहता।
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13 गांवों से गुजरेगा पांचवां चरण, दो वर्ष में तैयार होगा
मेरठ। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण 11 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब एनएचएआई को कब्जे की प्रक्रिया करनी है। एक्सप्रेसवे के चारों चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पांचवें चरण का कार्य किया जाएगा। दो साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। पांचवें चरण को हापुड़ रोड स्थित शकरपुर गांव के पास से शुरू किया जाना है। इसमें मेरठ के 10 गांव और गाजियाबाद के तीन गांव जुड़े हैं। शुक्रवार को एनएचएआई ने वेबसाइट पर टेंडर अपलोड किया है। टेंडर अवार्ड होने के दो-तीन महीनों में इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं परतापुर तिराहे की तर्ज पर हापुड़ रोड पर भी इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके लिए हाजीपुर और घोसीपुर की जमीन भी जाएगी। इंटरचेंज पर मेरठ की तरफ जाने वाले वाहन, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण के कनेक्टर और मेरठ-बुलंदशहर हाईवे की ओर जाने वाले रास्ते बनाए जाएंगे।
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इन गांवों से गुजरेगा पांचवा चरण
नरहेड़ा, शकरपुर, खानपुर, चंदसारा, ढकोली, नारायणा, सलेमपुर, घोसीपुर, हाजीपुर, नंगलापातू, तलहटा, चुड़ियाला और जैनुउद्दीनपुर।
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लोहिया नगर और जागृति विहार में आएगी बहार
मेरठ। हापुड़ रोड अगले दो वर्षों में परिवहन का नया केंद्र बनने जा रहा है। यहां गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ-बुलंदशहर हाईवे और अब मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण बनने जा रहा है। इसके आसपास स्थित लोहिया नगर और जागृति विहार विस्तार योजना में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में बहार आएगी। मेरठ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा इन दोनों योजनाओं में आवासीय प्रोजेक्ट लाए जा रहे हैं। सबसे अधिक आवास जागृति विहार विस्तार योजना में प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा गढ़ रोड से हापुड़ रोड को जोड़ने वाले इनर रिंग रोड का कार्य भी प्रस्तावित है। इसके लिए आवास विकास परिषद ने किसानों से वार्ता शुरू की है। चार किमी के इस मार्ग में एक-दो स्थान पर अड़चनों को छोड़कर मार्ग की चौड़ाई 45 मीटर है। इसे गढ़ रोड से सीधे हापुड़ रोड को जोड़ा गया है, जिससे जाम के बिना वाहनों का आवागमन हो सकेगा।
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जागृति विहार विस्तार योजना:
आवास विकास परिषद ने प्रधानमंत्री आवास, एक मंजिला मकान और स्कूल आदि के लिए कई संपत्तियां बेची हैं। प्लॉट भी निकाले गए थे। किसानों के साथ मुआवजे के विवाद के कारण इनके निर्माण की गति बहुत धीमी है।
लोहिया नगर योजना:
कई वर्षों से इस क्षेत्र को एमडीए किसी न किसी विवाद के कारण विकसित नहीं कर सका है। यहां एमडीए की फ्लैट की कई योजनाएं अधर में अटकी हैं। एमडीए अब यहां की संपत्तियों को में निवेश की नई योजनाएं बना रहा है।
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मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण मेरठ से डासना की शुरुआत कभी भी हो सकती है। अछरौड़ा में टोल प्लाजा का कार्य अंतिम चरण में है। इस बीच परतापुर तिराहा से यात्रियों की सुविधा के लिए एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे पर साइनेज भी लगाने शुरू कर गए हैं।
शनिवार को लगाए गए पहले साइनेज को वन ए का नाम दिया गया है। इसमें दिल्ली और मोदीनगर की ओर जाने वाले संकेतक दिखाए गए हैं। परतापुर फ़्लाईओवर पर एक और साइनेज दिल्ली से आने वाले वाहनों के लिए भी लगाया गया है। इस पर देहरादून और मेरठ शहर में जाने का रास्ता बताया गया है। एनएचएआई साइनेज लगाकर बता रहा है कि रात के समय परतापुर इंटरचेंज से आने वाले वाहन आसानी से देहरादून और मेरठ की तरफ जा सकें। परतापुर इंटरचेंज पर तीन अंडरपास सहित तीन रैंप बनाए गए हैं। इसी कारण वाहनों को रास्ता खोजने में दिक्कतें हो रही हैं।
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देहरादून से सीधे और मेरठ से यू-टर्न
परतापुर इंटरचेंज के बन जाने के बाद कई खामियां भी अब नजर आ रही हैं। अगर आप देहरादून की तरफ से आ रहे हैं तो आप सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाएंगे। वहीं, अगर आप मेरठ शहर की तरफ से आ रहे हैं तो आपको भूड़बराल रजबहे से यू-टर्न लेना होगा। ये यू-टर्न ही वाहनों के लिए जाम का कारण बनेगा। अभी इंटरचेंज पर ही रैपिड रेल का कार्य चल रहा है। इस कारण ट्रैफिक को मोड़ने पर काफी दिक्कत होगी। जानकारों का कहना है कि अगर एनएचएआई ने मेरठ शहर से सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बिना किसी यू-टर्न के लिए रास्ता दिया होता तो ज्यादा सुविधाजनक रहता।
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13 गांवों से गुजरेगा पांचवां चरण, दो वर्ष में तैयार होगा
मेरठ। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण 11 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब एनएचएआई को कब्जे की प्रक्रिया करनी है। एक्सप्रेसवे के चारों चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पांचवें चरण का कार्य किया जाएगा। दो साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। पांचवें चरण को हापुड़ रोड स्थित शकरपुर गांव के पास से शुरू किया जाना है। इसमें मेरठ के 10 गांव और गाजियाबाद के तीन गांव जुड़े हैं। शुक्रवार को एनएचएआई ने वेबसाइट पर टेंडर अपलोड किया है। टेंडर अवार्ड होने के दो-तीन महीनों में इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं परतापुर तिराहे की तर्ज पर हापुड़ रोड पर भी इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके लिए हाजीपुर और घोसीपुर की जमीन भी जाएगी। इंटरचेंज पर मेरठ की तरफ जाने वाले वाहन, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण के कनेक्टर और मेरठ-बुलंदशहर हाईवे की ओर जाने वाले रास्ते बनाए जाएंगे।
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इन गांवों से गुजरेगा पांचवा चरण
नरहेड़ा, शकरपुर, खानपुर, चंदसारा, ढकोली, नारायणा, सलेमपुर, घोसीपुर, हाजीपुर, नंगलापातू, तलहटा, चुड़ियाला और जैनुउद्दीनपुर।
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लोहिया नगर और जागृति विहार में आएगी बहार
मेरठ। हापुड़ रोड अगले दो वर्षों में परिवहन का नया केंद्र बनने जा रहा है। यहां गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ-बुलंदशहर हाईवे और अब मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण बनने जा रहा है। इसके आसपास स्थित लोहिया नगर और जागृति विहार विस्तार योजना में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में बहार आएगी। मेरठ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा इन दोनों योजनाओं में आवासीय प्रोजेक्ट लाए जा रहे हैं। सबसे अधिक आवास जागृति विहार विस्तार योजना में प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा गढ़ रोड से हापुड़ रोड को जोड़ने वाले इनर रिंग रोड का कार्य भी प्रस्तावित है। इसके लिए आवास विकास परिषद ने किसानों से वार्ता शुरू की है। चार किमी के इस मार्ग में एक-दो स्थान पर अड़चनों को छोड़कर मार्ग की चौड़ाई 45 मीटर है। इसे गढ़ रोड से सीधे हापुड़ रोड को जोड़ा गया है, जिससे जाम के बिना वाहनों का आवागमन हो सकेगा।
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जागृति विहार विस्तार योजना:
आवास विकास परिषद ने प्रधानमंत्री आवास, एक मंजिला मकान और स्कूल आदि के लिए कई संपत्तियां बेची हैं। प्लॉट भी निकाले गए थे। किसानों के साथ मुआवजे के विवाद के कारण इनके निर्माण की गति बहुत धीमी है।
लोहिया नगर योजना:
कई वर्षों से इस क्षेत्र को एमडीए किसी न किसी विवाद के कारण विकसित नहीं कर सका है। यहां एमडीए की फ्लैट की कई योजनाएं अधर में अटकी हैं। एमडीए अब यहां की संपत्तियों को में निवेश की नई योजनाएं बना रहा है।