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निर्माण को दो साल बीते और उखड़ने लगीं टाइल्स
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जिला अस्पताल में उखड़ी टाइल्स।
निर्माण को दो साल बीते और उखड़ने लगीं टाइल्स
मेरठ। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी बिल्डिंग में महिला जिला अस्पताल को शिफ्ट हुए दो साल भी नहीं बीते कि अस्पताल के हर फ्लोर की टाइल्स उखड़ रही हैं। दीवारों पर जगह जगह सीलन आ गई है।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत पुराने महिला जिला अस्पताल के ठीक पीछे अस्पताल की नई बिल्डिंग बनाई गई थी। यह पांच मंजिला बिल्डिंग 100 बेड की है। 26 फरवरी 2018 को महिला जिला अस्पताल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ था। कुछ दिन बाद से यहां टाइल्स उखड़ने लगी थीं, जिन्हें दोबारा लगवाया गया। वर्तमान में हालात यह हैं कि हर फ्लोर की टाइल्स उखड़ रही हैं। अभी यह तय नहीं हो पाया कि ये टाइल्स कौन लगवाएगा। कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग या फिर महिला अस्पताल। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने लिखकर भेजा है कि पहले जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की थी। अब यह जिम्मेदारी महिला जिला अस्पताल प्रबंधन की है। महिला जिला अस्पताल में हर साल एक लाख से ज्यादा मरीज आते हैं। यहां हर साल पांच हजार से ज्यादा डिलीवरी होती हैं।
जल्द कराई जाएगी मरम्मत
जल्द ही टाइल्स, लिफ्ट और सीलन आदि की मरम्मत कराई जाएगी। निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अफसरों से बात की गई है। वह अपनी समय अवधि पूरी होना बता रहे हैं। -डॉ. मनीषा अग्रवाल, प्रमुख अधीक्षक, महिला जिला अस्पताल
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सरकारी अस्पतालों में ओपीडी 5 हजार के पार
मेरठ। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या पांच हजार के पार रही। रविवार की छुट्टी रहती है, इसलिए सोमवार को आमतौर पर मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसके अलावा ठंड भी बीमार कर रही है। इनमें बुजुर्ग, महिला और बच्चे की संख्या अधिक रही।
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मेरठ। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी बिल्डिंग में महिला जिला अस्पताल को शिफ्ट हुए दो साल भी नहीं बीते कि अस्पताल के हर फ्लोर की टाइल्स उखड़ रही हैं। दीवारों पर जगह जगह सीलन आ गई है।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत पुराने महिला जिला अस्पताल के ठीक पीछे अस्पताल की नई बिल्डिंग बनाई गई थी। यह पांच मंजिला बिल्डिंग 100 बेड की है। 26 फरवरी 2018 को महिला जिला अस्पताल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ था। कुछ दिन बाद से यहां टाइल्स उखड़ने लगी थीं, जिन्हें दोबारा लगवाया गया। वर्तमान में हालात यह हैं कि हर फ्लोर की टाइल्स उखड़ रही हैं। अभी यह तय नहीं हो पाया कि ये टाइल्स कौन लगवाएगा। कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग या फिर महिला अस्पताल। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने लिखकर भेजा है कि पहले जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की थी। अब यह जिम्मेदारी महिला जिला अस्पताल प्रबंधन की है। महिला जिला अस्पताल में हर साल एक लाख से ज्यादा मरीज आते हैं। यहां हर साल पांच हजार से ज्यादा डिलीवरी होती हैं।
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जल्द कराई जाएगी मरम्मत
जल्द ही टाइल्स, लिफ्ट और सीलन आदि की मरम्मत कराई जाएगी। निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अफसरों से बात की गई है। वह अपनी समय अवधि पूरी होना बता रहे हैं। -डॉ. मनीषा अग्रवाल, प्रमुख अधीक्षक, महिला जिला अस्पताल
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सरकारी अस्पतालों में ओपीडी 5 हजार के पार
मेरठ। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या पांच हजार के पार रही। रविवार की छुट्टी रहती है, इसलिए सोमवार को आमतौर पर मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसके अलावा ठंड भी बीमार कर रही है। इनमें बुजुर्ग, महिला और बच्चे की संख्या अधिक रही।