फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut News: Two women postpone delivery due to solar eclipse

सूर्य ग्रहण के दौरान दो महिलाओं ने स्थगित कराया प्रसव, ज्योतिचार्य ने कही ये बड़ी बात

Mon, 22 Jun 2020 12:13 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 22 Jun 2020 12:13 PM IST
विज्ञापन
Meerut News: Two women postpone delivery due to solar eclipse
सूर्य ग्रहण - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में दो महिलाओं ने अपनी संतान को सूर्य ग्रहण के प्रभाव से बचाने के लिए ग्रहण काल में प्रसव स्थगित करा दिया। सूत्रों का कहना है कि शहर के एक नर्सिग होम में भर्ती दो गर्भवती महिलाओं की रविवार सुबह डिलीवरी होनी थी, लेकिन परिवार के लोग ग्रहण काल में बच्चे का जन्म नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने प्रसव का समय आगे बढ़वा लिया। हालांकि इस दौरान डॉक्टर ने जच्चा और उनके परिजनों को समझाया ग्रहण काल में डिलीवरी होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा परंतु परिजन नहीं माने।

विज्ञापन


इसके बाद डॉक्टर को परिजनों के अनुसार समय बढ़ाना पड़ा। इस बारे में ज्योतिचार्य कहते हैं कि ग्रहण में जन्मे बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ता है। यह अलग बात है कि विज्ञान इसकी पुष्टि नहीं करता है। डॉक्टर ने विज्ञान के बल पर ही इन दोनों महिलाओं की डिलीवरी को ग्रहण काल तक टाल दिया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: भाजपा विधायक हुए होम क्वारंटीन, माता-पिता को कोरोना संक्रमण की पुष्टि, पार्टी नेताओं में मची खलबली
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं शहर के लाखों लोगों ने रविवार को सूर्यग्रहण का दुर्लभ नजारा देखा। इस दौरान वलय से शुरू होकर 12 कलाओं के देव सूर्य का हर मिनट स्वरूप बदला। इस बीच चंद्रमा की कलाएं भी बदलीं, लेकिन सूर्य के तेज के समाने उसे नहीं देखा जा सका। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार, सूर्य को चंद्रमा ने 96 प्रतिशत तक ढक लिया था। इसी दौरान लोगों ने सूर्य का चूणामणि या फायर ऑफ रिंग आकार देखा। सूर्यग्रहण देखने के लिए लोगों ने टेलीस्कोप, एक्सरे और परंपरागत तरीके (बाल्टी में पानी भरकर) से सूर्य के प्रतिबिंब को देखा।  

ज्योतिषाचार्यों और खगोलविद् के अनुसार, ग्रहण की शुरुआत (वलय) 10 बजकर 21 मिनट पर हुई। इस दौरान सूर्य की डिग्री छह अंश, नौ कला और 12 विकला और चंद्रमा की डिग्री 5 अंश, 13 कला और 46 विकला रही। चंद्रमा ने धीरे धीरे 12 बजकर तीन मिनट पर सूर्य को 96 प्रतिशत तक ढक दिया। यह परमग्रास काल था। जब लोगों को आषाढ़ माह की दोपहर में संध्या या भोर सा नजारा दिखा। सूर्य की तपिश न के बराबर थी और फायर रिंग भी स्पष्ट नजर आने लगा। परमग्रास के समय सूर्य की डिग्री छह अंश, 13 कला और 15 विकल रही। चंद्रमा की डिग्री छह अंश, आठ कला और 22 विकला रही। यह नजारा मात्र 33 सेकेंड के लिए रहा। इसके बाद चंद्रमा अपनी धुरी पर घूमता हुआ आगे बढ़ गया। मेरठ में ग्रहण एक बजकर 49 मिनट पर खत्म हुआ। मोक्ष काल में सूर्य की डिग्री छह अंश, 15 कला और चार विकला रही। चंद्रमा की डिग्री छह अंश, 33 कला और नौ विकला रही।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed