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Meerut News: 16 बीघा जमीन के विवाद में दो बेटों ने पिता को मार डाला

Fri, 30 Dec 2022 08:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 08:30 AM IST
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Two sons killed their father in a dispute over 16 bighas of land
16 बीघा जमीन के विवाद में दो बेटों ने पिता को मार डाला
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मेरठ। पुठी गांव में 16 बीघा जमीन के विवाद में खीमचंद सैनी (60) पुत्र काले सिंह को उनके दो बेटे बिजेंद्र व वीरसिंह ने गला दबाकर मार डाला। बुजुर्ग अपनी विधवा पुत्रवधू के पास रह रहे थे। आरोपी बेटों को अंदेशा था कि पिता उनके हिस्से की भी जमीन बेचकर पोतों को पैसा दे सकते हैं। वारदात में आरोपियों के साथ उनके तीन साथी भी शामिल थे। तीसरे बेटे इंद्रपाल ने भाइयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
परीक्षितगढ़ के पुठी गांव निवासी खीमचंद सैनी के चार बेटे रणवीर सिंह, इंद्रपाल, बिजेंद्र और वीरसिंह हैं। रणवीर की 15 साल पहले मौत हो गई थी। रणवीर सिंह के दो बेटे हैं। विधवा पुत्रवधू व उसके दो बच्चों के साथ खीमचंद रहते थे। उनके तीनों बेटे शादीशुदा हैं और अलग-अलग रहते हैं। एक साल खीमचंद ने अपनी 18 बीघा जमीन में से दो बीघा जमीन बेच दी थी। बिजेंद्र और वीरसिंह ने नाराजगी जताई थी। परिवार में विवाद भी हुआ था। बिजेंद्र और वीरसिंह अपने हिस्से की जमीन पिता खीमचंद से मांग रहे थे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे।
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बुधवार शाम चार बजे खीमचंद जंगल में सिंचाई करने गए थे। दो घंटे बीतने के बावजूद नहीं लौटे तो उनके दोनों पोते अपने दादा की तलाश करने खेत में पहुंच गए। जहां पर बुजुर्ग का शव मिला। इसकी सूचना पर परीक्षितगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर जांच शुरू कर दी। बृहस्पतिवार सुबह इंद्रपाल ने थाने पहुंचकर अपने दोनों भाई बिजेंद्र और वीरसिंह को नामजद करते हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इंद्रपाल ने रिपोर्ट में लिखवाया कि वह व उसकी भाभी भी खेत में मौजूद थे। उनके सामने बिजेंद्र, वीर सिंह ने तीन साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या की। उन्होंने शोर मचाया तो आरोपी फरार हो गए।
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एक साल पहले बनाई थी योजना
खीमचंद ने एक साल पहले दो बीघा जमीन बेच दी थी। अब 16 बीघा जमीन बची थी। बिजेंद्र और वीरसिंह बार-बार अपने पिता से जमीन का हिस्सा मांग रहे थे। वह कहते थे कि अगर जमीन का हिस्सा नहीं दिया तो अंजाम ठीक नहीं होगा। कई बार परिवार में झगड़ा भी हुआ था। खीमचंद सैनी ने कहा था कि वह किसी भी बेटों केे जमीन नहीं देंगे। कलयुगी दोनों बेटों ने एक साल पहले ही हत्या की योजना बनाई थी।
विधवा पुत्रवधू का सहारा बनना पड़ा भारी
ग्रामीणों ने बताया कि खीमचंद के बड़े पुत्र रणवीर की 15 साल पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी। रणवीर के दो पुत्र और दो पुत्री हैं। एक पुत्र व एक पुत्री की शादी हो चुकी है। खींमचंद अपने अपने पोता और पोती के साथ रहते थे। विधवा पुत्रवधू व परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी उठा रहे थे। लेकिन खीमचंद से उसके दोनों पुत्र नाराज रहते थे।

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नामजद दोनों बेटों की तलाश में पुलिस की टीम लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। जल्द ही दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा कि हत्या के पीछे वाकई 16 बीघा जमीन का विवाद है या फिर कोई मामला है। गांव में अलग-अलग चर्चा है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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