यूपी: आकाशीय बिजली ने ढाया कहर, 2 की मौत, दर्जनों बच्चे झुलसे, गांव में पसरा मातम
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यूपी के इस शहर में आंधी-तूफान के बाद आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई, जबकि 13 बच्चों सहित 16 लोगों के झुलसने से गांव में मातम पसर गया। गांव में सोमवार को किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला।
घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद की है। यहां लखनौती गांव में यमुना खादर के खेत पर बनी एक झोपड़ी पर बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। हुई दो किसानों की मौत और 13 बच्चों सहित 16 लोगों के झुलसने के बाद कुंडा कलां गांव में मातम पसरा है। सोमवार को गांव के ज्यादातर घरों में चुल्हा तक नहीं जला। चार बच्चों की हालत खराब होने पर रात ही उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजन इनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
बता दें कि रविवार की रात आठ बजे गंगोह कोतवाली के गांव कुंडा कलां निवासी प्लेज लगाने वाले सादा और तैमूर की यमुना खादर के खेत में बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि बारिश से बचने के लिए इसी झोपड़ी में मौजूद 13 बच्चों सहित 16 लोग झुलस गए थे। इस हादसे के बाद रात में ही एसडीएम नकुड़ युगराज सिंह, सीओ गंगोह राजेंद्र सिंह, गंगोह कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों की मदद से मृतक सादा के 13 वर्षीय बेटे नूर आलम, निसार और उसके चार बच्चों 15 वर्षीय ताहिर, 12 वर्षीय जाहिद, नौ वर्षीय साहिर, आठ वर्षीय मोटी, 50 वर्षीय भाई गफ्फार, 11 वर्षीय भतीजे असलम, दूसरे भाई 48 वर्षीय इरशाद, भतीजे 13 वर्षीय कादिर, 10 वर्षीय भतीजी मुस्कुराना, आठ वर्षीय शहजादी, गुलजार के चार बच्चों 16 वर्षीय इंशाद, 10 वर्षीय शाहरूख, 17 वर्षीय इसराना, 12 वर्षीय आबिदा को गंगोह सीएचसी में भर्ती कराया था। जहां से जाहिद सहित इसराना, आबिदा, शहजादी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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एसडीएम और सीओ ने जब मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो दोनों मृतकों के परिजनों ने पीएम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भर शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सोमवार की सुबह बेहद गमगीन माहौल में दोनों के शवों को सुपुर्दें खाक कर दिया गया। उधर तहसीलदार चंद्रकांता ने बताया कि दोनों मृतकों और घायलों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
देरी से पहुंची गाड़ी 108
गांव के ही मशरूर राणा, शमशाद, इस्खार, महफूज, मतलूब ने बताया कि घटना की जानकारी ग्रामीणों ने 108 को दी थी, लेकिन गाड़ी करीब छह घंटे की देरी से पहुंची। इसके बाद वह चार घायलों को लेकर सीएचसी गई। आकाशीय बिजली से झुलसे ग्रामीणों को प्राइवेट गाड़ियों द्वारा गंगोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। 108 के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। तहसीलदार चंद्रकांता ने बताया कि जांच कर 108 के चालक के खिलाफ दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति विभाग के अफसरों को की जाएगी।
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